रिश्वतखोरी पर विजीलेंस का शिकंजा: जालंधर में इंतकाल के नाम पर 5 हजार रुपये लेते पटवारी व साथी काबू, दूसरे दिन खाली दिखा दफ्तर

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अखंड केसरी ब्यूरो :- पंजाब के जालंधर में विजिलेंस ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई के बाद तहसील परिसर और पटवारखाने में भारी हड़कंप मच गया है। विजीलेंस की टीम ने बीते दिन एक सुनियोजित ट्रैप लगाकर पटवारी विश्वदीप सिंह और उसके निजी सहयोगी राकेश कुमार उर्फ सोनू को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस सख्त कानूनी कार्रवाई का खौफ इस कदर देखने को मिला कि अगले ही दिन पटवारखाने की पहली मंजिल पर पूरी तरह सन्नाटा पसर गया और लगभग सभी दफ्तरों के मुख्य दरवाजों पर ताले लटके नजर आए। अपने जरूरी राजस्व कार्यों के लिए पहुंचे आम नागरिकों को पटवारियों की गैरमौजूदगी के चलते भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

यह पूरा मामला न्यू राजन नगर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत से जुड़ा है, जिसने करीब चार मरले जमीन का इंतकाल दर्ज करवाने के लिए संबंधित हलका पटवारी से संपर्क साधा था। आरोप है कि जायज काम के लिए लगातार टालमटोल की जा रही थी और आखिरकार इंतकाल की एवज में पटवारी के एजेंट ने 5,000 रुपये रिश्वत की स्पष्ट मांग रख दी। पीड़ित ने जब असमर्थता जताते हुए 1,500 रुपये देने की कोशिश की, तो एजेंट ने रकम ठुकराते हुए पूरी राशि लाने का दबाव बनाया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने की बातचीत का ऑडियो साक्ष्य जुटाकर विजीलेंस ब्यूरो रेंज जालंधर का दरवाजा खटखटाया। पुख्ता योजना के तहत विजीलेंस ने जाल बिछाकर दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों की उपस्थिति में पटवारी और उसके साथी को घूस की रकम के साथ धर दबोचा। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर गहन पूछताछ और जांच की जा रही है।

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