सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नेहरू गार्डन जालंधर शहर के दिल में बसा ऐतिहासिक शैक्षणिक संस्थान

1. परिचय: इतिहास के पन्नों से

सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नेहरू गार्डन जालंधर शहर के दिल में बसा ऐतिहासिक शैक्षणिक संस्थान है।

स्थापना: 1950 के दशक में “कन्या पाठशाला” के नाम से शुरू हुआ। पंडित नेहरू के नाम पर बने नेहरू गार्डन इलाके में होने के कारण यह नाम पड़ा।

उद्देश्य: उस दौर में जब लड़कियों को पढ़ाना पाप समझा जाता था, इस स्कूल ने हज़ारों बेटियों के हाथ में कलम थमाई।

UDISE कोड: 03040111316 स्थापना: 1954

2. स्कूल की खासियतें: क्यों है खास?

बात विवरण
*1. लोकेशन* *नेहरू गार्डन, सेंट्रल टाउन* – बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन से 2 किमी। सुरक्षित इलाका।
*2. कक्षाएं* *6वीं से 12वीं* तक। *आर्ट्स, कॉमर्स, साइंस, वोकेशनल* चारों स्ट्रीम।
*3. संख्या* *2500+ छात्राएं। जालंधर का **सबसे बड़ा कन्या स्कूल*।
*4. स्टाफ* *80+ अध्यापक, 90% **महिला स्टाफ। **प्रिंसिपल* भी महिला।
*5. माध्यम* *पंजाबी + इंग्लिश* दोनों मीडियम।
 3. उपलब्धियां: बेटियों ने नाम रोशन किया

1. शिक्षा के क्षेत्र में: हर साल 12वीं का परिणाम 95%+। 2023 में 3 लड़कियां पंजाब बोर्ड मेरिट में। रितिका शर्मा ने 98.2% लेकर जिला टॉप किया।
2. खेल में धाक: खो-खो, कबड्डी, एथलेटिक्स में स्टेट चैंपियन। 2022 में स्कूल की खो-खो टीम नेशनल खेली।
3. सांस्कृतिक: यूथ फेस्टिवल में गिद्दा, लोक गीत, भाषण में लगातार पहला इनाम।
4. NCC + NSS: 500+ लड़कियां NCC में। गणतंत्र दिवस परेड दिल्ली के लिए 4 लड़कियां चुनी जा चुकी हैं।

प्रसिद्ध पूर्व छात्राएं:
– मनजीत कौर – एथलेटिक्स प्लेयर, पंजाब पुलिस DSP
– राजविंदर कौर – जूडो प्लेयर, कॉमनवेल्थ गेम्स ब्रॉन्ज मेडल, पंजाब पुलिस इंस्पेक्टर
– रशदीप कौर – 4×400 रिले, इंटरनेशनल प्लेयर एथलेटिक्स
– गिन्नी और जूही – जूडो प्लेयर, पंजाब पुलिस

– अभी भी इस स्कूल में सुबह और शाम दोनों टाइम जूडो की प्रैक्टिस होती है जो कि स्कूल के लेक्चरर फिजिकल एजुकेशन सुधीर कुमार खुद करवाते हैं।

4. सुविधाएं: सरकारी है पर किसी प्राइवेट से कम नहीं

1. स्मार्ट क्लासरूम: 15 कमरे डिजिटल बोर्ड + प्रोजेक्टर से लैस।
2. साइंस लैब: फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायो की अलग-अलग आधुनिक लैब।
3. कंप्यूटर लैब: 50 कंप्यूटर + इंटरनेट। NSQF के तहत IT कोर्स।
4. लाइब्रेरी: 10,000+ किताबें। प्रतियोगी परीक्षा की किताबें भी।
5. खेल ग्राउंड: बड़ा खो-खो + जूडो हॉल + बैडमिंटन कोर्ट। इनडोर गेम्स रूम।
6. वोकेशनल कोर्स: सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, हेल्थकेयर, IT – 12वीं के साथ सर्टिफिकेट मुफ्त।

5. चुनौतियां: जिनसे स्कूल लड़ रहा है

1. बिल्डिंग पुरानी: 70 साल पुरानी इमारत। बरसात में छत टपकती है। नई बिल्डिंग का वादा 10 साल से पेंडिंग।
2. अध्यापकों की कमी: साइंस + इंग्लिश के 7 पद खाली। बच्चों का नुकसान।
3. भीड़ बहुत: एक सेक्शन में 70-80 लड़कियां। निजी ध्यान देना मुश्किल।
4. प्राइवेट का हमला: आस-पास 10+ प्राइवेट स्कूल खुल गए। माता-पिता “इंग्लिश मीडियम” के नाम पर उधर भागते हैं।

6. प्रिंसिपल का संदेश: श्रीमती गोहरीना

“हमारा लक्ष्य सिर्फ नंबर नहीं, अच्छा इंसान बनाना है।
गरीब घर की बेटी भी डॉक्टर, अफसर बन सकती है – यह साबित किया।
माता-पिता से अपील: बेटी को प्राइवेट में फीस भरने से बेहतर, यहां दाखिला करवाएं।
बचत भी, इज्जत भी, संस्कार भी मिलेंगे।”

7. दाखिला कैसे लें?
1. समय: हर साल अप्रैल महीने में।
2. दस्तावेज: जन्म प्रमाण पत्र, आधार, पिछली कक्षा का रिजल्ट, 2 फोटो।
3. फीस: सरकारी स्कूल = फीस नाममात्र। 6वीं-8वीं मुफ्त, 9वीं-12वीं ₹20-50 महीना सिर्फ फंड।
4. संपर्क: 0181-2240456, नेहरू गार्डन, माई हीरा गेट के सामने।

निष्कर्ष: बेटियों का मान

सरकारी कन्या स्कूल नेहरू गार्डन सिर्फ ईंट-गारे की इमारत नहीं, जालंधर की बेटियों के सपनों का घर है। जिस पंजाब में लड़की को कोख में मार दिया जाता था, उसी पंजाब में इस स्कूल ने 70 सालों में लाखों लड़कियों को अपने पैरों पर खड़ा किया।

आज जरूरत है: सरकार नई बिल्डिंग दे, हम भरोसा दें। प्राइवेट की चमक में सरकारी का हीरा न गवाएं।

याद रखें:- “जिस घर की बेटी पढ़ी, उस घर की तकदीर पढ़ी। नेहरू गार्डन स्कूल = बेटियों की तकदीर बदलने वाली फैक्ट्री।”

सलाम है उन अध्यापकों को जो कम तनख्वाह पर भी देश का भविष्य बना रहे हैं

नोट: क्या आप या आपकी कोई रिश्तेदार इस स्कूल से पढ़े हैं? अपना अनुभव साझा करें। शेयर करके और बेटियों तक बात पहुंचाएं।

सबसे खास बात: स्कूल की पूर्व प्रिंसिपल जो इस समय जिला जालंधर की जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी डॉक्टर गुरिंदरजीत कौर जी नेशनल अवॉर्डी हैं।

लेखक: सुधीर कुमार, लेक्चरर फिजिकल एजुकेशन, अमर शहीद लाला जगत नारायण सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नेहरू गार्डन, जालंधर

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