अखंड केसरी ब्यूरो :- जम्मू-कश्मीर में जनसांख्यिकीय बदलाव से जुड़े मामलों की जांच कर रही नावलेकर समिति के सामने प्रदेश सरकार ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी से जुड़े आंकड़े पेश किए हैं। सरकारी जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 20 जिलों में कुल 7,656 रोहिंग्या और 504 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई है; जिसमें से जम्मू संभाग में 6,737 रोहिंग्या व 46 बांग्लादेशी, जबकि कश्मीर संभाग में 919 रोहिंग्या व 458 बांग्लादेशी नागरिक मौजूद हैं। अधिकारियों के अनुसार, म्यांमार से भारत आने वाले कई रोहिंग्या पहले हैदराबाद पहुंचे और बाद में (विशेषकर 2012 से 2017 के बीच) जम्मू में आकर बस गए। सुरक्षा एजेंसियों ने इनमें से कुछ नागरिकों के संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका जताई है, जिसके चलते सीमा क्षेत्रों के नजदीक निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार द्वारा 26 मई को गठित इस समिति को घुसपैठ और उससे जुड़े जनसांख्यिकीय बदलावों का अध्ययन कर एक वर्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
