जालंधर- अफ्रीकी देश केन्या में पाकिस्तान और केन्या के किडनैपर्स के चंगुल में फंसा जालंधर का व्यक्ति छूट गया है। व्यक्ति 21 सितंबर को घर लौट आया। आते ही उसने बेटी को गोद में उठाया और रोने लगा। इस व्यक्ति के साथ 3 व्यक्तिों को किडनैपर्स ने बंधक बना लिया था। फिर परिवार को उनकी फोटो भेजकर 58 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।
भाजपा के राज्यसभा सांसद सतनाम संधू की मदद से उनकी रिहाई हुई। घर लौटने के बाद इस व्यक्ति राकेश कुमार ने किडनैपिंग से लेकर छूटने तक की पूरी कहानी बताई। उसने कहा कि उन्हें वैलिड वीजा पर इटली भेजने का वादा किया गया, लेकिन केन्या एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें टैक्सी में सुनसान जगह ले जाया गया।
जहां उन्हें बंधक बनाकर रखा गया। किडनैपर्स में 3 पाकिस्तानी और 3 केन्या के नागरिक थे, जिनमें 2 लड़कियां भी शामिल थीं। उसे पता चला कि ये पाकिस्तान के खान बाबा गैंग के लोग हैं।


राकेश ने बताई पंजाब से जाने से लेकर रेस्क्यू तक की कहानी…
- 95 लाख में तय हुआ था इटली का सौदा: पीड़ित राकेश कुमार ने बताया कि उनके एक रिश्तेदार के जरिए उनकी बात फिल्लौर (भार सिंह पुरा) के एक एजेंट बलविंदर कुमार और उसके साथियों से हुई थी। एजेंट ने राकेश को 95 लाख रुपए में लीगल तरीके से इटली भेजने का वादा किया। परिजनों ने 2 लाख रुपए कैश एडवांस दे दिए, जिसकी तस्वीरें भी परिजनों के पास मौजूद हैं। एजेंट ने दावा किया था कि पहले उन्हें केन्या जाना होगा, जहां नैरोबी स्थित दूतावास से 2 दिनों में उनके पासपोर्ट पर इटली का वीजा स्टैंप हो जाएगा और फिर वे सीधे इटली चले जाएंगे। झांसे में आकर वह 4 अगस्त 2026 को रवाना हुए और 5 को नैरोबी (केन्या) एयरपोर्ट पहुंचे।
- एयरपोर्ट से गुप्त ठिकाने पर ले गए, पासपोर्ट-पैसे छीने: राकेश के मुताबिक, नैरोबी एयरपोर्ट के बाहर एक ड्राइवर पहले से ही उनकी तस्वीर लेकर खड़ा था। उसने मुझे और मेरे साथ आए दो अन्य व्यक्तिों अवतार सिंह और सुरिंदर सिंह को गाड़ी में बैठाया। कुछ किलोमीटर आगे जाकर गाड़ी में एक लोकल और पाकिस्तानी सवार हो गए। वे तीनों उनको शहर से दूर एक घर में ले गए। वहां 3 पाकिस्तानी, 3 केन्याई नागरिक (जिनमें दो लड़कियां भी शामिल थीं) मौजूद थे। आरोपियों ने तुरंत उनके मोबाइल फोन, पासपोर्ट, वीजा डॉक्यूमेंट्स, पास में रखे यूरो और भारतीय करंसी छीन ली और उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया।
- हाथ-पैर बांधकर बनाई टॉर्चर वीडियो: किडनैपर्स ने कहा कि आपके एजेंट ने उन्हें पैसे नहीं दिए हैं, इसलिए अब वे आपके जरिए पैसे वसूलेंगे। बंधक बनाने के दूसरे ही दिन किडनैपर्स ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। राकेश ने बताया कि उसके हाथ-पैर बांधकर जमीन पर लिटा दिया गया। मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया और चेहरे पर लाल रंग लगा दिया गया ताकि वह खून जैसा दिखे। इसके बाद उसके साथियों को कैमरे के सामने यह बोलने के लिए मजबूर किया कि राकेश को बहुत पीटा जा रहा है, जल्दी से खान बाबा (पाकिस्तानी गिरोह का सरगना) को 70 हजार डॉलर की पेमेंट करो, वरना यह जिंदा नहीं बचेगा।

- आधी रात केन्या पुलिस ने रेड कर छुड़ाया: राकेश ने बताया कि जब यह वीडियो फ्रांस में रह रहे उनके मामा सोमनाथ और उनके परिजनों तक पहुंचा, तो वे डर गए। परिजनों ने तुरंत इंडियन माइनॉरिटी फेडरेशन के कुलविंदर सिंह फ्रांस और राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू से संपर्क किया। सांसद संधू और दूतावास ने बिना देरी किए केन्या पुलिस और भारतीय विदेश मंत्रालय से तालमेल बिठाया। 10 सितंबर तड़के 2 बजे कीनिया की पुलिस ने रेड की। रेड के दौरान वह सहम गए लेकिन बाद में पता चला कि ये पुलिस है। पुलिस ने मौके से 3 पाकिस्तानियों और 3 केन्याई नागरिकों समेत सभी 6 आरोपियों को पीट-पीटकर काबू किया और गिरफ्तार कर लिया।

लौटे पीड़ित ने कहा- एजेंटों के झांसे में न आएं
रेस्क्यू के बाद पुलिस ने भारतीय दूतावास की मदद से व्यक्तिों को सुरक्षित पुलिस स्टेशन और फिर नैरोबी स्थित इंडियन एम्बेसी के संरक्षण में रखा। केन्याई अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को 14 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। कानूनी कागजी कार्रवाई और स्टेटमेंट दर्ज होने के बाद वह भारत लौट आए। घर पहुंचकर अपनी 11 महीने की बेटी और परिवार से लिपटकर राकेश भावुक हो गए।
राकेश ने पंजाब के युवाओं से अपील की है कि वे ऐसे ट्रैवल एजेंटों के झूठे झांसे में बिल्कुल न आएं। किसी भी देश जाना हो तो भारत से ही अपने पासपोर्ट पर स्टैंप वीजा लगवाकर जाएं। पीड़ित परिवार ने धोखाधड़ी करने वाले स्थानीय एजेंटों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और उनके लाइसेंस रद्द करने की मांग की है।
