बताया गया है कि ED की टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं। चीफ इंजीनियर के अलावा, एस्टेट ऑफिसर और अतिरिक्त मुख्य प्रशासक को कमरे में बुलाकर बारी-बारी से पूछताछ की गई है।
ED की टीमें 3 गाड़ियों में यहां पहुंची हैं। जालंधर, चंडीगढ़ और दिल्ली की टीमें कार्रवाई में शामिल हैं। ED की ओर से बताया गया है कि यह कार्रवाई सौ करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले से जुड़े मामले में की जा रही है।


एजेंसी की ओर से ये जानकारी दी गई
- 26 ठिकानों पर कार्रवाई चल रही: ED की ओर से जारी की गई सूचना के मुताबिक, तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला, लुधियाना और दिल्ली में कुल 26 ठिकानों पर तलाशी और सर्वे की कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत GMADA और पंजाब सरकार के हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग के दफ्तरों में भी PMLA की धारा 16 के तहत सर्वे किया जा रहा है। इस कार्रवाई का उद्देश्य आरोपी कंपनियों और गमाडा के बीच हुए लेन-देन और अन्य मामलों से जुड़े सबूत जुटाना है।
- 2 साइटों के खरीदने के मामला: ED की जांच के अनुसार, तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स के प्रमोटर रेमिगेट बिल्डइस्टेट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड और एमबी इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड को भी नियंत्रित करते हैं। इन दोनों कंपनियों ने गमाडा से मोहाली में नीलामी के जरिए 2 प्रमुख साइटें खरीदी थीं। बाद में इन कंपनियों को गमाडा को देय बकाया राशि में बड़ा फायदा मिलने की बात जांच में सामने आई है।
- बिचौलिए की भूमिका निभा रही कंपनी: एजेंसी के मुताबिक, कंपनियों को हुए संदिग्ध अनुचित लाभ और सरकारी खजाने को हुए नुकसान की रकम 100 करोड़ रुपए से अधिक है। एजेंसी ने गमाडा के लिए विभिन्न कंसल्टेंसी कार्य करने वाली टीला कंसल्टेंट्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के ठिकाने पर भी तलाशी ली है। ED को संदेह है कि यह कंपनी कथित मामले में बिचौलिए की भूमिका निभा रही थी।

पंजाब में इस मामले की भी जांच चल रही
ED गमाडा में हुए करीब 150 करोड़ रुपए के चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) घोटाले और फीस चूक मामले में सनटेक सिटी (न्यू चंडीगढ़) समेत कई प्रोजेक्टों की भी जांच कर रही है। इन प्रोजेक्टों को लेकर पिछले समय में 2 बिल्डरों के ठिकानों पर रेड हुई थी। हालांकि, मौजूदा कार्रवाई इससे जुड़ी नहीं है।
मजीठिया की पोस्ट- ED रेड ने कई सवाल खड़े किए
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने ED रेड को लेकर अपने साेशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने लिखा है कि मोहाली में ED की बड़ी रेड ने पंजाब सरकार के करप्शन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने लिखा- आम आदमी पार्टी में चल रहा करप्शन अब सामने आ रहा है। हो रही लूट की परतें अब खुलने लगी हैं। हाउसिंग सेक्रेटरी IAS विकास गर्ग के ऑफिस में ED की कार्रवाई और अधिकारियों से पूछताछ। इस केस में IAS संदीप ऋषि, PCS राकेश कोपले, PCS अमरिंदर मल्ली, PCS अमन गुप्ता और PCS रोहित जिंदल के नाम भी लिए गए हैं।
मजीठिया ने लिखा- राजवीर घुमन, नितिन गोहल और दूसरे OSDs के रोल पर भी गंभीर सवाल हैं। किसानों से सस्ते दामों पर जमीन लेकर बड़े डेवलपर्स को देने के मामले में भी बड़े सवाल उठे हैं। पॉलिटिक्स और ब्यूरोक्रेसी के नेक्सस से चल रहे इस करप्शन की पूरी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने लिखा- जिन अधिकारियों के बारे में कहा जा रहा है कि वे इस पूरे मामले में शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अब समय आ गया है कि लूटपाट, जमीन हड़पने और सरकारी फैसलों से जुड़ी पूरी सच्चाई पंजाब के लोगों के सामने लाई जाए।

4 महीने से एक्शन मोड में ED
गमाडा के प्रोजेक्टों पर ED की नजर 4 महीने से है। इससे पहले 7 मई 2026 को मोहाली के खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी के फ्लैट नंबर 906 में ED ने रेड की थी। इस दौरान फ्लैट की नौवीं मंजिल से कैश से भरे दो बैग नीचे फेंके गए थे। इससे 500 रुपए के नोट नीचे बिखर गए थे। कार्रवाई में करीब 21 लाख रुपए कैश बरामद होने की बात सामने आई थी।
12 ठिकानों पर की गई कार्रवाई का हिस्सा
यह कार्रवाई सनटेक सिटी प्रोजेक्ट और CLU से जुड़े कथित घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मोहाली और चंडीगढ़ के करीब 12 ठिकानों पर की गई कार्रवाई का हिस्सा बताई गई थी। यह फ्लैट नितिन गोहल उर्फ नितिन कुमार गोहिल से जुड़ा बताया गया था।
इस कार्रवाई पर राजनीति गरमा गई थी, क्योंकि उस समय रेड से मंत्री अमन अरोडा का नाम जोड़ा गया था। बिल्डर को उनका करीबी बताया गया था। हालांकि, मंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस कर सारे सवालों का जवाब दिया था।
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