अखंड केसरी ब्यूरो :- एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने मोहाली के सेक्टर-119 स्थित रियल एस्टेट कंपनी टीडीआई इन्फ्राटेक लिमिटेड (TDI Infratech Ltd) के दफ्तर में सर्च ऑपरेशन (छापेमारी) शुरू किया है. यह कार्रवाई पिछले कई दिनों से जारी है, जिसमें करीब 15 ईडी अधिकारी दफ्तर के अंदर मौजूद रहे. यह घटनाक्रम कुछ दिन पहले GMADA दफ्तर में हुई तीन दिनों की छापेमारी के बाद सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान टीडीआई इन्फ्राटेक के वाइस प्रेसिडेंट रोहित सिंगला भी दफ्तर में मौजूद थे.
इस पूरी कार्रवाई के दौरान ईडी अधिकारियों ने दफ्तर के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग्स और कुछ कर्मचारियों तथा अधिकारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए. शुरुआती जांच के बाद कुछ मोबाइल फोन वापस भी किए जाने की जानकारी मिली है. यह पूरी जांच PR-6 सड़क प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित की जाने वाली ज़मीन के मुआवजे में कथित अनियमितताओं से जुड़ी हुई है. आरोप है कि ज़मीन एक्वायर करने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद, ज़मीन के कुछ हिस्सों को रिश्तेदारों के नाम ‘ट्रांसफर’ करके किसानों के बराबर मुआवजा लेने का मामला सामने आया है, जिससे सरकारी खजाने को करीब 6 करोड़ रुपये का चूना लगाने का दावा किया गया है.
अदालत में दाखिल किए गए हलफनामे और GMADA के बयानों के अनुसार, इस हेरफेर से मुआवजा राशि लगभग 14 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 21 करोड़ रुपये हो गई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है. इस मामले को लेकर इलाके के निवासियों और रेजिडेंट वेल्फेयर एसोसिएशनों द्वारा मुआवजे की जांच तथा डेवलपर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पहले ही की जा चुकी है, हालांकि इस कार्रवाई पर अभी तक किसी भी एजेंसी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
