सामान्य पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए, जबकि अनुसूचित जाति (SC/ST) की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए की राशि दी गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए तरनतारन की पवित्र धरती गोइंदवाल साहिब को चुना गया है। सरकार का काम लोगों से टैक्स लेना और उस पैसे को अलग-अलग तरीकों से वापस लोगों तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चाहे युवाओं को नौकरियां देना हो, लोगों को मुफ्त बिजली उपलब्ध करवाना हो या किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना हो, सरकार का उद्देश्य सुविधाएं लोगों तक पहुंचाना है। विरोधियों पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी के पास सिर्फ मैं ही मुद्दा है।

लोगों के पैसे को लोगों पर ही खर्च कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोगों के पैसे को लोगों पर ही खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की योजनाओं का मकसद लोगों को सीधे लाभ पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बेटियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाली ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ की किश्त जारी की। सरकार के मुताबिक, इस योजना के तहत महिलाओं और बेटियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को लाभ
योजना के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को लाभ दिया जाता है। एक परिवार में पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी गई है। राशि सीधे बैंक खातों में DBT के जरिए ट्रांसफर की जाती है। पहली किस्त जुलाई 2026 में तीन महीने की राशि एक साथ जारी की गई थी। सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹3,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹4,500 मिले।
₹9,300 करोड़ का बजट प्रावधान
पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए ₹9,300 करोड़ का प्रावधान किया है। सरकार की ओर से करीब 97% महिलाओं को योजना के दायरे में लाने का अनुमान बताया गया है।
