निहंगों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा करना चाहते हैं। उनका कहना है कि वे उत्तराखंड जाकर संबंधित लोगों से बातचीत कर मामले को सुलझाना चाहते हैं और किसी तरह का विवाद या कानून व्यवस्था खराब नहीं करना चाहते। निहंगों ने चार निहंगों को सम्मान के साथ पंजाब वापस भेजने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि पुलिस अधिकारियों से बातचीत हुई है और उन्हें आश्वासन मिला है कि जल्द ही चारों निहंगों की जमानत कराने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद वे यात्रा पूरी कर वापसी में उन्हें साथ लेकर पंजाब लौटना चाहते हैं।




किसी भी दमन के आगे नहीं झुकेंगे
कूच करने से पहले मोहाली के सोहना गुरुद्वारे में निहंग सिखों ने एक मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने कहा- सिखों के अधिकारों के खिलाफ कुछ साजिशें रची जा रही हैं। हम आज अरदास करके यह संकल्प ले रहे हैं कि हम किसी भी दमन के आगे झुकेंगे नहीं। हमारी इस अरदास को जो लोग सिर्फ एक सामान्य प्रार्थना समझ रहे हैं, वे भूल रहे हैं कि यह हमारा संकल्प है। अब हम उत्तराखंड की ओर कूच करेंगे।
हालात को देखते हुए हिमाचल और यूपी बॉर्डर पर ITBP, PAC और पुलिस बल तैनात किया गया। कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है, जहां निहंगों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। तैनाती में सिख पुलिसकर्मियों को भी आगे रखा गया है।

सोमवार को किया था कूच का ऐलान
रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में पंजाब से आए निहंगों ने सोमवार को बताया था कि उनके कुछ साथी 25 जून को उत्तराखंड पहुंचेंगे। वे पहले चमोली और रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारों का दौरा करेंगे और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद हेमकुंड साहिब रवाना होंगे।
निहंगों का कहना है कि जत्था उत्तराखंड के गुरुद्वारों में सिख श्रद्धालुओं के साथ होने वाले व्यवहार और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगा। सरकार ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन, सिख प्रतिनिधिमंडल और निहंगों के बीच लगातार समन्वय बना हुआ है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और हेमकुंड साहिब आने वाले हर श्रद्धालु का सम्मान किया जाएगा।

