ठगी की साजिश का शिकार हुए​ पूर्व IG की हालत स्थिर:वेंटिलेटर पर चाहल, कई रिटायर्ड अधिकारी गंवा चुके हैं पैसा, वाट्सएप ग्रुप की जांच

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Punjab Government
पटियाला। पूर्व आईजी अमर सिंह चहल ठगों की साजिश का शिकार हुए हैं। उन्हें ज्यादा पैसा कमाने की लालच देकर दिया और वे ठगों की बातों में आ गए। वह एक ऐसे वॉट्सऐप ग्रुप में जुड़े थे, जिस पर इस तरह से पैसे कमाने के तरीके बताए जाते थे। इस ग्रुप में पटियाला शहर के कई नामी रिटायर्ड अधिकारी भी शामिल हैं। जिनकी लिस्ट पुलिस ने तैयार की है। अब उनसे बारी बारी किसी न किसी ढंग से पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि और कितने लोग उनकी ठगी का शिकार हुए हैं।

कोई भी लिखित शिकायत देने को तैयार नहीं है मगर जुबानी इस संबंधी जानकारियां जरूर दे रहे हैं। ठगों ने अमर सिंह चाहल को भी इसी तरह के एक ग्रुप में शामिल करवाया था, जिसका नाम एफ 777 वैल्थ एक्यूटी रिसर्च ग्रुप रखा हुआ था। पुलिस ने साइबर क्राइम सेल में अमर सिंह चाहल की पत्नी के बयानों पर आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

ऐसे चंगुल में फंसे पूर्व IG चाहल

पूर्व आईजी को पहले अफसरों के एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। बाद में उन्हें एक अलग ग्रुप में शामिल कराया गया, जहां शेयर बाजार, आईपीओ और अन्य निवेश योजनाओं में ज्यादा रिटर्न का भरोसा दिलाया गया। शुरुआत में कुछ रकम पर रिटर्न दिखाकर विश्वास जीत लिया गया, फिर बड़ी रकम निवेश कराई गई।

किस पूर्व अफसर ने ठग को ग्रुप में जोड़ा, पुलिस टीम जांच कर रही

ठगी के इस मामले में पटियाला पुलिस की साइबर सेल भी जांच में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रजत वर्मा को किस अधिकारी ने रिटायर्ड पुलिस अफसरों के वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा।

जिन नंबरों से आईजी से संपर्क करते थे ठग, उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही पुलिस

पटियाला साइबर क्राइम पुलिस ने जिन मोबाइल नंबरों से पूर्व आईजी से संपर्क किया गया, उनकी लोकेशन ट्रेस करनी शुरू कर दी है। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है क्योंकि इस्तेमाल किए गए नाम फर्जी हो सकते हैं।

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