पुलिस के मुताबिक, यह पोस्ट LPU की फर्स्ट ईयर की एक छात्रा ने अपलोड की थी। छात्रा ने SIT के सामने दिए बयान में माना है कि उसने यह पोस्ट सुनी-सुनाई बातों के आधार पर लिखी थी। उसका कहना है कि उसका उद्देश्य केवल सोशल मीडिया पर अपनी राय रखना था।
कपूरथला पुलिस ने रेडिट के अमेरिका स्थित मुख्यालय से तकनीकी जानकारी हासिल करने के बाद पोस्ट अपलोड करने वाले यूजर की पहचान की। अब पुलिस छात्रा के बयान और पोस्ट के पीछे की मंशा की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पोस्ट के बाद यूनिवर्सिटी में बने माहौल और 26 सितंबर की हिंसा के बीच क्या संबंध था।
इस बीच कपरथूला पुलिस ने 3 और छात्रों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से काबू कर गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिश्या निवासी महाराष्ट्र, कृष्णा निवासी बिहार और योगेश निवासी राजस्थान के रूप में हुई है। तीनों LPU के छात्र हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर हिंसा के दौरान वाहनों में तोड़फोड़ करने, सड़क अवरुद्ध करने और छात्रों को भड़काने की कोशिश करने के आरोप हैं। इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।


