अखंड केसरी ब्यूरो:- महानगर के प्रशासनिक गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया जब विजिलेंस ब्यूरो की एक विशेष टीम ने तहसील कॉम्प्लेक्स स्थित नए पटवारखाने में अचानक दबिश देकर एक पटवारी और उसके करिंदे (सहायक) को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया। प्राथमिक सूचना के अनुसार, जमीन से जुड़े किसी सरकारी काम की एवज में संबंधित पटवारी और उसके सहयोगी ने एक पक्ष से मोटी रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित पक्ष ने इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो को दी, जिसके बाद अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पटवारखाने में रिश्वत की रकम सौंपी, पहले से सतर्क विजिलेंस टीम ने मौके पर छापा मारकर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से तहसील परिसर में मौजूद अन्य कर्मचारियों और आम जनता के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कार्रवाई के तुरंत बाद विजिलेंस टीम दोनों को हिरासत में लेकर आगामी पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। जब मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों ने पकड़े गए पटवारी से पक्ष जानने का प्रयास किया तो उसने चुप्पी साधे रखी, जबकि उसके करिंदे ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उसे क्यों हिरासत में लिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल विजिलेंस के जांच अधिकारियों ने आधिकारिक बयान देने से परहेज किया है। उम्मीद है कि विजिलेंस ब्यूरो जल्द ही प्रेस नोट जारी कर रिश्वत की कुल राशि, शिकायतकर्ता की पहचान और दर्ज की गई एफआईआर से जुड़े कानूनी पहलुओं का विस्तृत खुलासा करेगा।

