पंजाब: जलालाबाद के DSP गुरसेवक सिंह बराड़ पर FIR दर्ज; बिजली विभाग के JE को नशे के झूठे मामले में फंसाने की साजिश का आरोप**

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**जालंधर/फाजिल्का:** पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां अदालत के आदेशों पर डीएसपी (DSP) गुरसेवक सिंह बराड़ के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी पर बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) को नशे के झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रचने के गंभीर आरोप हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंडी रोड़ांवाली के निवासी जेई अमित कुमार ने 13 जुलाई को थाना अरनीवाला में बयान दर्ज करवाया था कि बीते 3 जून को जब वह अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे, तो कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने—जो खुद को पुलिसकर्मी बता रहे थे—उनकी कार की तलाशी ली। इस दौरान उन्होंने कार की सीट के नीचे से एक संदिग्ध पैकेट बरामद होने का नाटक (ड्रामा) किया।

मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा होने के बाद डीएसपी गुरसेवक सिंह भी वहां पहुंच गए और जेई को सीआईए (CIA) फाजिल्का ले गए। हालांकि, जांच के दौरान जब पैकेट में कोई नशीला पदार्थ नहीं मिला, तो जेई को छोड़ दिया गया। इसके बाद जेई अमित कुमार ने अपने स्तर पर इस मामले की पड़ताल की, जिसमें सामने आया कि सुखजिंदर सिंह उर्फ शम्मी, सागर और राजन कुमार उर्फ नन्नू नाम के व्यक्तियों ने एक गहरी साजिश के तहत उनकी कार में वह पैकेट रखा था, ताकि उनके खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत झूठा केस दर्ज करवाया जा सके।

इस संबंध में पहले थाना अरनीवाला में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा नंबर 103 दर्ज करके उक्त तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। कानूनी कार्रवाई के दौरान जब इन आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, तो उन्होंने कबूल किया कि इस पूरी साजिश में जलालाबाद के डीएसपी गुरसेवक सिंह भी शामिल थे। आरोपियों के इस बयान के बाद 15 जुलाई को माननीय अदालत के आदेश पर डीएसपी गुरसेवक सिंह बराड़ को भी इस मुकदमे में नामजद कर लिया गया है और पुलिस द्वारा मामले की आगे की जांच गहनता से की जा रही है।

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