सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घर के मालिक का कहना है कि उन्हें काफी समय से गैंगस्टर डोनी बल की गैंग की ओर से धमकियां दी जा रही थीं। मौके पर फोरेंसिक टीम भी बुलाई गई, जिसने सबूत जुटाए। गोलियों के खोलों को जांच के लिए भेजा गया है। हालांकि, अब तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी गैंग ने नहीं ली है।

रात ढाई बजे घर पर गोलियां चलीं
यह घटना मोहाली जिले के जीरकपुर के बलटाना इलाके में हुई। जानकारी के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे AAP नेता नीतू चौधरी के घर पर फायरिंग हुई। परिजन के मुताबिक, बाइक सवार दो लोगों ने घर पर गोलियां चलाईं।
इस दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। गोलियां की आवाज सुनकर पूरे रिहायशी इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, कोई घर से निकला। परिजन बताते हैं कि जैसे ही घर से बाहर निकलकर हमलावरों को देखने की कोशिश की गई तो वे बाइक लेकर भाग गए। उसी समय मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस के मुताबिक, घर पर करीब 8 राउंड गोलियां चलाई गईं। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस हमलावरों की पहचान करने और फायरिंग की वजह का पता लगाने में जुटी है।

पहले भी मिली थीं गैंग के नाम पर धमकियां
पूर्व पार्षद नीतू चौधरी ने बताया है कि उन्हें पहले डॉनी बल गैंग के नाम पर कथित तौर पर धमकियां मिली थीं। इस संबंध में उन्होंने जीरकपुर पुलिस थाने में मामला भी दर्ज कराया था। अब उनके घर पर फायरिंग हुई है।
उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जबकि, पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि ताजा वारदात में उसी गैंग का हाथ है या फायरिंग के पीछे कोई दूसरी रंजिश है।
8 राउंड फायरिंग, CCTV फुटेज खंगालेगी पुलिस
SP गजलप्रीत कौर के अनुसार, सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में करीब 8 राउंड फायरिंग की बात सामने आई है। गोलियां दीवारों और मेन गेट पर लगी हैं, जिनके निशान मौजूद हैं। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर गोलियों के निशानों की जांच कर रही है।
हमलावरों की पहचान के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी, ताकि ठीक से पता लगाया जा सके कि हमलावर कितने थे और किस वाहन से आए थे। फिलहाल, फायरिंग की वजह और आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि फायरिंग के पीछे पहले मिली धमकियों का हाथ है या कोई अन्य कारण है।


