मृतका के पिता हरभजन सिंह ने रोते हुए बताया कि नवनीत करीब पांच वर्ष पहले स्टडी वीजा पर कनाडा गई थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे वर्क परमिट मिला और बाद में स्थायी निवास (PR) मिलने के बाद वह एक बैंक में नौकरी कर रही थी। करीब एक महीने पहले वह चार साल बाद अपने परिवार से मिलने अमृतसर आई थी। 27 जून को उसने अमृत छका और 29 जून को वापस कनाडा लौट गई।
परिवार का दावा है कि कोटकपूरा निवासी शरणजीत नाम का युवक पिछले कई महीनों से नवनीत का पीछा कर रहा था। वह लगातार फोन करता था और बैंक तक पहुंचकर उसे परेशान करता था। शिकायत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था और मामला अदालत में विचाराधीन था। इसके बाद नवनीत ने अपना मोबाइल नंबर और रहने का स्थान भी बदल लिया था, लेकिन आरोपी फिर भी उसके पास पहुंच गया।

परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन सुबह करीब साढ़े सात बजे नवनीत बैंक जाने के लिए बस स्टॉप पर खड़ी थी और अपने भाई से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। तभी उसने कहा, शरण आ गया है। इसके कुछ ही सेकंड बाद फोन नीचे गिर गया और कॉल कट गई। बाद में परिवार को उसकी हत्या की सूचना मिली।
परिवार ने सवाल उठाया है कि जब आरोपी के खिलाफ पहले से मामला दर्ज था और अदालत में सुनवाई चल रही थी, तब वह खुलेआम कैसे घूम रहा था और उसके पास हथियार कैसे पहुंचा। परिजनों ने कनाडा सरकार से निष्पक्ष जांच, आरोपी को कड़ी सजा और भारत सरकार से नवनीत का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही परिवार ने अपनी सुरक्षा की भी मांग की है।

