घटना की सूचना मिलते ही लुधियाना के पुलिस कमिश्नर (CP) स्वपन शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम जांच के लिए पहुंच गई है। खुफिया जानकारी के आधार पर AGTF की टीमें दोनों शूटरों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थीं। दोनों रविवार को लुधियाना में आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप में अपने विरोधियों को निशाना बनाने के लिए बाइक पर जा रहे थे।
जब AGTF की टीमों ने लुधियाना में पुलिस पोस्ट आत्म पार्क नगर के पास आत्म पार्क के नजदीक उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो दोनों शूटरों ने AGTF पर गोलीबारी शुरू कर दी और मौके से भागने का प्रयास किया। जवाबी गोलीबारी में दोनों शूटर ढेर हो गए। गैंगस्टरों की पहचान संदीप सिंह और करनजोत सिंह उर्फ नोना निवासी अमृतसर के रूप में हुई है। जहां मुठभेड़ हुई, वहां से कैंप की दूरी 900 मीटर थी।
CP स्वपन शर्मा अहम बातें….
- गैंगस्टर डोनी बल के संपर्क में थे: CP स्वपन शर्मा ने कहा कि सूचना हमारे पास पहले से थी। ये जॉइंट ऑपरेशन है। AGTF के पाश इंफॉर्मेशन थी। उन्होंने हमारे साथ शेयर की। दोनों की टीम लगी हुई थीं। दोनों विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल के संपर्क में थे। डोनी बल ही इन्हें गाइड कर रहा था और उसी ने टारगेट के साथ-साथ हथियार भी मुहैया करवाए थे।
- विरोधी गैंग के लोगों को अपना निशाना बनाना था: CP ने कहा कि यह पूरी घटना इंटर-गैंग राइवलरी (वर्चस्व की लड़ाई) का हिस्सा है, जो 2016 के रवि ख्वाजके मर्डर और दविंदर बंबिहा (जिसका 2016 में बठिंडा में एनकाउंटर हुआ था) गैंगवार से जुड़ी है। शूटरों को रविवार को रवि ख्वाजके की याद में लगे ब्लड डोनेशन कैंप में विरोधी गैंग के लोगों को अपना निशाना बनाना था।
- 25 राउंड फायरिंग हुई, पिस्टल मिलीं: इस मुठभेड़ में कुल 25 राउंड फायरिंग हुई। पुलिस ने मौके से तीन 9mm की ऑटोमैटिक पिस्टल (सोफिस्टिकेटेड वेपन) बरामद की हैं। मुठभेड़ के वक्त भी हथियारों के चेंबर में गोलियां पूरी तरह लोड थीं।

शादी में रवि ख्वाजके की हत्या की थी 20 फरवरी 2016
को रविंदर सिंह उर्फ रवि ख्वाजके की हत्या कर दी गई थी। वह गिल गार्डन में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। जिस दिन ख्वाजके को गोली मारी गई, उसकी फुटेज भी सामने आई थी। इसमें चार आरोपी ख्वाजके पर गोलियां चलाते नजर आ रहे थे। हालांकि, ख्वाजके के साथ निजी सुरक्षा कर्मी और बाउंसर मौजूद थे, लेकिन कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया।
हमले के बाद आरोपी कुछ देर तक घटनास्थल पर ही रुके रहे। इस दौरान उन्होंने नाच-गाकर जश्न मनाया। शादी स्थल से जाने से पहले आरोपियों ने जश्न के तौर पर हवा में करीब 50 गोलियां भी दागीं। पुलिस ने ख्वाजके गांव के नंबरदार हरपाल सिंह के बयान के आधार पर इस मामले में केस दर्ज किया था।


