जालंधर (अंकित भास्कर):- पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और जालंधर की राजनीति के कद्दावर नेता भगत चुन्नी लाल का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिसके बाद बस्ती शेख श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान (गार्ड ऑफ ऑनर) के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के पिता भगत चुन्नी लाल के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास से लेकर श्मशान घाट तक जनसैलाब उमड़ पड़ा। फूलों से सजी गाड़ी में निकली उनकी अंतिम यात्रा में राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक जगत की प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। पंजाब पुलिस के जवानों ने मातमी धुन बजाकर और हवा में गोलियां दागकर उन्हें अंतिम सलामी दी, जिसके बाद परिवार ने नम आंखों से उन्हें मुखाग्नि दी। उनके सम्मान में पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी कार्यालयों में आधे दिन की छुट्टी की घोषणा की। इस दौरान मेयर विनीत धीर, पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया, शीतल अंगुराल, नितिन कोहली सहित विभिन्न दलों के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर दिग्गज नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
1 दिसंबर 1932 को सियालकोट (अब पाकिस्तान) में जन्मे भगत चुन्नी लाल विभाजन के बाद परिवार सहित जालंधर आ बसे थे, जहां उन्होंने स्पोर्ट्स गुड्स के निर्यात कारोबार से शुरुआत कर सियासत में अपनी अमिट पहचान बनाई। 1985 में निर्दलीय चुनाव से राजनीतिक पारी की शुरुआत करने के बाद वह भाजपा में शामिल हुए और 1997, 2007 तथा परिसीमन के बाद 2012 में जालंधर पश्चिम से लगातार तीन बार विधायक चुने गए। वह 2011 में पंजाब विधानसभा के उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) रहे और 2012 से 2017 तक अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर स्थानीय निकाय, चिकित्सा शिक्षा, श्रम एवं वन मंत्रालय जैसे अहम विभागों की कमान संभाली। विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता रहे भगत चुन्नी लाल ने 2017 में चुनावी राजनीति को अलविदा कह दिया था, लेकिन जालंधर व पूरे पंजाब के राजनीतिक पटल पर उनकी बेदाग छवि और जनसेवा की विरासत हमेशा याद रखी जाएगी।
