




घायल बोला- प्रशासन से मदद मिलने में देरी हुई
भगदड़ में घायल सागर ने बताया कि घटना से पहले मैं महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लगा था। 7-8 घंटे बाद हरसिद्धि चौराहे तक पहुंचा। वहां हमें दो घंटे तक खड़ा रखा गया। भीड़ बढ़ रही थी और आरती का समय होने के कारण हमें वहीं रोक दिया गया। सागर के मुताबिक, अचानक बैरिकेड खोल दिए गए और भगदड़ मच गई। टेंट गिर गया और सारे बैरिकेड भी गिर गए। मेरे दोनों पैर बैरिकेड के नीचे फंस गए। एक पैर में फ्रैक्चर है। मंदिर में व्यवस्था बहुत खराब थी। किसी ने मेरी मदद नहीं की। सिर्फ एक व्यक्ति आया और उसने मुझे मेडिकल कैंप में भर्ती कराया।
‘रसीद काटकर वीआईपी दर्शन कराए जा रहे थे’
सागर के मुताबिक इस दौरान वीआईपी दर्शन चालू था। 3 सौ रुपए की रसीद काटकर वीआईपी दर्शन कराए जा रहे थे। सागर ने कहा- मैं कल भी महाकाल मंदिर गया था। कल भी भारी भीड़ के बीच वीआईपी लोगों को एंट्री मिल रही थी। आम लोग मानसरोवर गेट पर चार घंटे से खड़े थे।
किसी मरीज के भर्ती न होने के दावों पर उठे सवाल
सागर के घायल बच्चे को देखने अस्पताल पहुंचे उज्जैन निवासी मनोहर भावसार ने अस्पताल में किसी मरीज के भर्ती नहीं होने के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, मैं उज्जैन का रहने वाला हूं। सुबह मेरा दोस्त का बच्चा महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए गया था। मीडिया में खबर चल रही है कि अस्पताल में कोई मरीज भर्ती नहीं है, लेकिन मैंने अपनी आंखों से देखा है कि मेरे दोस्त का बच्चा महाकाल की एंबुलेंस से ही यहां आया है। उसके पैर में फ्रैक्चर है और वह अस्पताल में भर्ती है।
भावसार ने आगे आरोप लगाया कि प्रशासन मंदिर में किसी घटना से इनकार कर रहा है। खबर चल रही है कि महाकाल में कुछ नहीं हुआ, लेकिन अगर हमारे पास पैसे होते तो हम उसे निजी अस्पताल ले जाते। डॉक्टर ने कहा है कि ऑपरेशन में दो-तीन दिन लगेंगे।
महिला बोली- बेटी बोल नहीं पा रही, दांत टूट गए हैं
ग्वालियर से आ एक अन्य श्रद्धालु आरती ने बताया कि उनकी बेटी भी घटना में घायल हुई है। उन्होंने कहा- हम ग्वालियर से दर्शन के लिए आए थे और अब परेशान हैं। उसने पानी तक नहीं पीया है। वह बोल नहीं पा रही है। उसके दांत टूट गए हैं। भगदड़ मची थी। उसे चक्कर आया और वह रेलिंग पर गिर गई। बेहोश होने के बाद हमें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।”
सिर्फ नागपंचमी पर खुलते हैं नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट
आज नाग पंचमी के साथ सावन का सोमवार होने के कारण महाकालेश्वर मंदिर के शीर्ष पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए हैं। यह मंदिर साल में केवल एक बार नाग पंचमी के दिन 24 घंटे के लिए खोला जाता है। भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन और आशीर्वाद के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे हैं।
