मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस अधिकारियों के साथ नशे को लेकर बैठक के बाद हुई इस कार्रवाई से नशा तस्करों का पुलिस के बीच पैठ की पोल खोल दी है।विभाग ने दोनों कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सस्पेंड कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि नशे के खिलाफ इस जंग में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा—चाहे वह आम नागरिक हो या खाकी वर्दी पहनने वाला पुलिस कर्मचारी।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने ही लगाया ट्रैप
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा पुलिस अधिकारियों के साथ की गई उच्चस्तरीय बैठक के बाद राज्यभर में नशा तस्करों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी गई है। बताया गया कि अधिकारियों को पुलिस के कर्मचारी के नशा तस्करों के साथ संबंध होने की सूचना मिली थी पुलिस ने जाल बिछाकर अपने ही सिपाही (कांस्टेबल) को 10 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
लंब समय से नशा लेता था और तस्करों के साथ संबंध थे
पकड़ा गया सिपाही अरुण शर्मा खन्ना में ही तैनात है। सामाने आया है कि अरुण शर्मा न केवल खुद लंबे समय से नशे का सेवन कर रहा है, बल्कि हेरोइन बेचने के धंधे में भी संलिप्त है।आरोपी सिपाही के खिलाफ थाना सिटी-2 खन्ना में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस उसके नशा सप्लाई नेटवर्क तथा बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज की गहनता से जांच कर रही है।
ड्यूटी पर नशे में धुत था होमगार्ड
वहीं, एक अन्य कार्रवाई में खन्ना पुलिस ने होमगार्ड के जवान प्रिंस को ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में पकड़ा। संदेह होने पर जब उसे सिविल अस्पताल खन्ना ले जाकर उसका डोप टेस्ट कराया गया, तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके तुरंत बाद पुलिस ने होमगार्ड जवान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

