टीम ने कार्रवाई के दौरान संबंधित दुकानदार का चालान भी काटा। इसके अलावा, करीब 25 किलोग्राम रंगदार और संदिग्ध मिठाइयां नष्ट करवाई गईं तथा गुणवत्ता की जांच के लिए 10 सैंपल लिए गए।
यह कार्रवाई सहायक कमिश्नर (फूड) राजेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रभजोत कौर और रविनंदन गोयल शामिल थे। अधिकारियों ने त्योहारों के मद्देनजर नकोदर और शाहकोट के विभिन्न इलाकों में मिठाई की दुकानों की औचक जांच की।
मिल्क केक, बर्फी और सोहन पापड़ी के सैंपल लिए
शाहकोट की एम्प्लॉइज कॉलोनी स्थित एक दुकान की जांच के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में पुरानी मिठाई मिली। अधिकारियों के अनुसार, इसे दूध और चीनी मिलाकर दोबारा तैयार करने की कोशिश की जा रही थी। स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से हानिकारक इस मिठाई को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया।
जांच के दौरान मिल्क केक, बर्फी और सोहन पापड़ी समेत विभिन्न मिठाइयों के 10 सैंपल लिए गए। इन्हें विस्तृत जांच के लिए स्टेट फूड एनालिस्ट लैब, खरड़ भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि लैब की रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


दुकानदारों को मानकों का पालन करने के निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को दुकानों में साफ-सफाई बनाए रखने और एक्सपायर या अत्यधिक कृत्रिम रंगों वाली मिठाइयां नहीं बेचने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

