कांग्रेस नेताओं के विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मिलकर बातचीत की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के लिए प्रधानमंत्री मोदी से जवाब मांगने के लिए हम उनके घर तक पैदल मार्च करके गए। सरकार न तो कोई जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।”
पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों से की थी मुलाकात
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मंगलवार को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पहुंचकर उन छात्रों से मुलाकात की, जो नीट पेपर लीक मामले को लेकर संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए थे। दोनों नेताओं ने छात्रों का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उस घायल युवती की मां से भी मुलाकात की, जो आरएमएल अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पार्टी के संगठन महासचिव (के) सी. वेणुगोपाल के साथ सोमवार को युवा प्रदर्शन के दौरान “पुलिस की बर्बरता और लाठीचार्ज” में घायल छात्रों से मुलाकात की।
पोस्ट में कांग्रेस ने कहा, “आज देश के छात्रों के भविष्य को कुचला जा रहा है और अपनी आवाज उठाने वाले छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। इसके लिए नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए। छात्रों की मांग बिल्कुल स्पष्ट है कि सरकार पेपर लीक की जिम्मेदारी ले और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।”
राहुल बोले- प्रधानमंत्री माफी मांगें
इससे पहले राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के साथ हुई “पुलिस की बर्बरता” के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए और गृह मंत्री अमित शाह के साथ इस्तीफा देना चाहिए। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने मंगलवार सुबह अन्य सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और विपक्ष छात्रों के मुद्दे पर संसद में चर्चा चाहता है।
राहुल गांधी ने कहा, “उन्होंने (ओम बिरला) कहा कि उन्हें इसके लिए सरकार से पूछना होगा। इसका मतलब है कि संसद में चर्चा कराने के लिए भी लोकसभा अध्यक्ष को सरकार की अनुमति लेनी पड़ती है।” उन्होंने कहा, “यह छात्रों और युवाओं के भविष्य का मुद्दा है। जिस तरह लोगों की पिटाई की जा रही है, वह पूरी तरह भारतीय परंपराओं के खिलाफ है। जो कुछ कल हुआ, उसके लिए मोदी जी ने अब तक माफी भी नहीं मांगी है।”