डेढ़ घंटे में ही पंजाब सरकार ने PRTC-पनबस कॉन्ट्रैक्ट मुलाजिमों की सुनी: हड़ताल खत्म, बेतन जारी

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Punjab Government
चंडीगढ़। पंजाब सरकार द्वारा मांगे न माने जाने के विरोध में PRTC और पनबस के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी आज दोपहर दो बजे हड़ताल पर चले गए थे। कल रक्षाबंधन का त्योहार होने से पूरे राज्य में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। इस वजह से सरकार ने करीब एक घंटा 50 मिनट में ही मुलाजिमों की सुनवाई कर ली। सरकार ने किलोमीटर स्कीम में बसे डालने का टेंडर स्थगित कर दिया है। पनबस मुलाजिमों के बेतन संबंधी डिपुओं को बजट जारी कर दिया गया है। वहीं, 13 तारीख को मुलाजिमों की ट्रांसपोर्ट मंत्री से दोपहर साढ़े तीन बजे चंडीगढ़ में मीटिंग होगी।

इसके बाद मुलाजिमों ने काम पर लौटने का फैसला लिया। उन्होंने सरकार को साफ किया है कि हड़ताल को 13 अगस्त तक स्थगित किया गया है। अगर मांगे पूरी नहीं हुईं, तो 14 अगस्त से वे फिर हड़ताल पर चले जाएंगे। अब दोबारा से बसें चलनी शुरू हो जाएंगी।

 
पंजाब रोड़वेज की बसे अब खड़ी हो गई है।
पंजाब रोड़वेज की बसे अब खड़ी हो गई है।

अब सरकार के हाथ में सारी गेम

मुलाजिमों ने कल सरकार को आज दोपहर तक का समय दिया था कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे। मुलाजिमों का कहना है कि उन्होंने सरकार को स्पष्ट कर दिया था कि हड़ताल रहेगी या नहीं, यह उनके फैसले पर निर्भर करेगा। इस बारे में उनके कॉन्ट्रैक्ट यूनियन के प्रधान रेशम सिंह ने कहा कि हड़ताल शुरू कर दी गई थी। उनका आरोप था कि सरकार जानबूझकर टालमटोल कर रही है। जिस वजह से उन्होंने यह फैसला लिया था।

बसें आठ राज्य में 577 रूट पर चलती है

पीआरटीसी बसें 577 रूट पर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तराखंड सहित चलती है। यह रोजाना करीब 355827 किलोमीटर तय करती हैं। 1310 नियमित कर्मचारी है। यह कुल आठ हजार मुलाजिम है। वहीं, इन बसों के चलने सबसे ज्यादा आम लोग परेशान होंगे। क्योंकि यह बसे लाइफ लाइन है।

बसें रोकी, सवारियां को बस स्टैंडों पर उतारी

दो बजे से पहले बसे नियमित चल रही थी। लेकिन जैसे ही दो बजे बसों की हड़ताल शुरू हो गई। बस चालक जहां पहुंचे थे, वह उस एरिया के लोग बस स्टैंड पर सवारियां लेकर चले गए। इसके बाद उन्होंने वहां पर उन्हें उतार दिया। इस दौरान कई लोग निराश हाे गए। पीआरटीसी मुलाजिमों का कहना है कि अब सरकार के फैसले पर ही आगे की स्थिति तय करेगी।

 

 

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