पुलिस स्मृति दिवस पर डीजीपी गौरव यादव का संकल्प: पंजाब पुलिस देश की अखंडता और नशा मुक्त राज्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

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Punjab Government

जालंधर: देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिस जवानों के सम्मान में आज पंजाब आर्म्ड पुलिस (पीएपी) मुख्यालय, जालंधर में 67वां राज्य स्तरीय पुलिस स्मृति दिवस पूरी गरिमा और श्रद्धा के साथ मनाया गया। श्रद्धांजलि समारोह का नेतृत्व करते हुए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने विशेष डीजीपी कानून एवं व्यवस्था प्रवीण कुमार सिन्हा और एडीजीपी पीएपी एम.एफ. फारूकी की उपस्थिति में पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर शहीदों को नमन किया।

समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने पंजाब पुलिस को वीरता और निःस्वार्थ सेवा की मिसाल बताते हुए कहा कि सितंबर 1981 से अब तक बल के 1,804 जवानों ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसमें इस वर्ष शहीद हुए दो जवान भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं शहादतों की बदौलत आज नागरिक शांतिपूर्ण माहौल में रह रहे हैं और बल सीमावर्ती राज्य में शांति व भाईचारा बनाए रखने के लिए संकल्पबद्ध है।

इस अवसर पर आयोजित औपचारिक परेड में बीते वर्ष के दौरान देश भर में शहीद हुए जवानों के नाम पढ़कर सुनाए गए और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी ने राज्य में अपराध व नशे के खिलाफ किए गए कड़े कदमों का ब्योरा देते हुए बताया कि 16 मार्च 2022 से अब तक एनडीपीएस कानून के तहत 95 हजार से अधिक मामले दर्ज कर 1.27 लाख से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और 7,260 किलोग्राम से अधिक हेरोइन जब्त की गई है। साथ ही तस्करों की 902 करोड़ रुपये की संपत्तियां सीज की गई हैं, जिसमें अदालतों में दोषसिद्धि दर 90 प्रतिशत दर्ज हुई है। गैंगस्टर-विरोधी अभियानों के तहत 1,288 संगठित आपराधिक गिरोहों का भंडाफोड़ कर 3,300 से अधिक अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।

डीजीपी ने आगे जानकारी दी कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान अब 60-दिवसीय गहन मिशन मोड में प्रवेश कर चुका है, जिसके तहत पुलिस और सिविल प्रशासन संयुक्त रूप से नशा प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रख रहे हैं। इसके साथ ही युवाओं को खेलों से जोड़ने, 1,600 करोड़ रुपये के निवेश से बुनियादी ढांचे व साइबर सुरक्षा के आधुनिकीकरण और सीमा पार व अंतर-राज्यीय नशा आपूर्ति नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने पर काम जारी है। परेड के बाद डीजीपी गौरव यादव ने शहीद परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं।

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