जालंधर: राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) और पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (PULSA) के दिशा-निर्देशों के तहत, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (DLSA), जालंधर द्वारा पॉक्सो (POCSO) एक्ट, 2012 को लेकर अखिल भारतीय स्तर पर स्कूली जागरूकता अभियान ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के प्रथम चरण की शुरुआत की गई। इस जिला स्तरीय अभियान का औपचारिक उद्घाटन एसडी फुल्लरवां सीनियर सेकेंडरी स्कूल फॉर गर्ल्स, जालंधर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डीएलएसए जालंधर, सुश्री प्रिया सूद द्वारा किया गया। इस अवसर पर सीजेएम-सह-सचिव डीएलएसए राहुल कुमार, स्पेशल जज (एफटीसी पॉक्सो) सुश्री अर्चना कंबोज, बाल कल्याण समिति (CWC) के अध्यक्ष जे.के. गुलाटी, स्कूल की प्रिंसिपल अमरज्योति शर्मा, पैनल अधिवक्ता हरलीन कौर, सीनियर सहायक जगन नाथ सहित डीएलएसए स्टाफ, पैरा लीगल वालंटियर्स और शिक्षक उपस्थित रहे।
संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि डीएलएसए द्वारा पॉक्सो पीड़ितों को मुफ्त कानूनी सहायता और पीड़ित मुआवजा सक्रिय रूप से मुहैया कराया जाता है, वहीं इस कानून के तहत दोषियों को अत्यंत सख्त सजा दिलाने के कड़े प्रावधान हैं। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों को किसी सनसनी के बिना उनकी उम्र के अनुकूल तरीके से बाल अधिकारों, वैधानिक सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं से अवगत कराना है।
इस अभियान के तहत ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’, ‘कानून जानो, बचपन बचाओ’, ‘सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन’, ‘बोलो, बताओ, बचाओ’, ‘ना बाल विवाह, ना बाल शोषण’ और ‘जागरूक बचपन, सशक्त भारत’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को आपातकालीन नंबरों—जैसे नालसा हेल्पलाइन (15100), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) तथा एनसीपीसीआर के पॉक्सो ई-बॉक्स के प्रति जागरूक कर डीएलएसए और उप-मंडल समितियों से संपर्क के तरीके समझाए जा रहे हैं। यह अभियान 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक रोजाना सुबह 8:30 से 9:30 बजे की प्रार्थना सभा के दौरान जालंधर, नकोदर और फिल्लौर के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त व निजी स्कूलों में संचालित किया जा रहा है ताकि जिले के हर बच्चे तक सुरक्षा कवच पहुंच सके।

