नकोदर/जालंधर: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालंधर जिले के नकोदर स्थित गांव सरींह में आयोजित विशाल ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक बड़ी घोषणा की कि आगामी 1 नवंबर को राज्य की माताओं-बहनों के मोबाइल पर एक बार फिर सम्मान राशि के संदेश के साथ ‘टूं-टूं’ की धुन गूंजेगी, क्योंकि सरकार ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ की अगली किस्त जारी करने जा रही है। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की नीयत बिल्कुल साफ है और वे पिछली सरकारों की तरह निजी खजाने भरने के बजाय जनता का पैसा विकास व जनहितैषी योजनाओं के जरिए सीधे जनता को ही लौटा रहे हैं। विपक्षी दलों—भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल—पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि ये पार्टियां आम परिवारों को मिल रही कल्याणकारी सुविधाओं को बंद करने की धमकियां दे रही हैं और अंदरूनी तौर पर ‘फ्रेंडली मैच’ खेल रही हैं, क्योंकि वे एक आम परिवार के व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद पर बैठकर जनसेवा करते नहीं देख पा रही हैं।
सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते साढ़े चार वर्षों के दौरान बिना किसी भेदभाव और रिश्वत के पूरी तरह मेरिट के आधार पर 70,862 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जिससे आज आम व गरीब परिवारों के बच्चे भी बड़े पदों पर पहुंच रहे हैं। शिक्षा क्रांति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जो पंजाब 2022 में 27वें स्थान पर था, उसने हालिया प्राथमिक शिक्षा मूल्यांकन में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है और सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी की जागीर नहीं है। इसके साथ ही, राज्य के 90 प्रतिशत घरों को शून्य बिजली बिल का लाभ, 54 लाख परिवारों को मुख्यमंत्री सेहत योजना का सुरक्षा कवच और 14,000 किलोमीटर लंबी पाइपलाइनों के जरिए खेतों तक नहरी पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनता का प्यार और माताओं-बहनों का आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और वे पंजाब को हर क्षेत्र में सशक्त व भ्रष्टाचार-मुक्त ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे।

