प्रशासन ने क्लीनिक की दवाइयों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जालंधर के गांव ताजपुर में स्थित ‘किरण क्लीनिक’ पर अचानक छापेमारी की।

मौके पर नहीं मिला सर्टिफिकेट या लाइसेंस
कार्रवाई के दौरान जब अधिकारियों ने क्लीनिक संचालक से मेडिकल डिग्री, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और लाइसेंस मांगा, तो वह कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। पूछताछ में संचालक ने दावा किया कि उसके पास सर्टिफिकेट हैं, लेकिन वे घर पर रखे हुए हैं। मेडिकल नियमों के मुताबिक लाइसेंस और डिग्री को क्लीनिक पर लगाना अनिवार्य होता है।
क्लीनिक संचालक की दो दुकानें
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी संचालक और उसकी पत्नी की पास में ही एक और दुकान (गुरु कृपा हेल्थ केयर सेंटर) है। पुलिस जब दूसरी दुकान पर पहुंची, तो वहां भी कोई दस्तावेज नहीं दिखाया जा सका।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
मामले की जानकारी देते हुए ड्रग इंस्पेक्टर (जालंधर-2) अमित बंसल ने बताया कि उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों से चेकिंग के निर्देश मिले थे। फिलहाल दवाइयों के बिलों, स्टॉक और लाइसेंस की जांच चल रही है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

