संस्थाओं ने यह भी स्पष्ट किया है कि 30 जुलाई को पंजाब बंद के आह्वान के तहत जालंधर में अलग से कोई बंद नहीं रहेगा। इसके बजाय शहर में केवल एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि कुछ संगठनों की ओर से पंजाब बंद की खबरें प्रसारित की जा रही हैं, लेकिन जालंधर के लोग पहले ही 27 जुलाई को बंद का समर्थन कर चुके हैं। इसलिए 30 जुलाई को जालंधर में किसी भी तरह का बंद नहीं रखा जाएगा।


सरकार के खिलाफ विशाल प्रदर्शन की तैयारी
बंद की बजाय कल जालंधर की सभी सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं एकजुट होकर पंजाब सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह प्रदर्शन सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
लाठीचार्ज के दोषियों पर अब तक नहीं हुई सख्त कार्रवाई
नेताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 22 जुलाई को हुई घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरकार ने अब तक जिम्मेदार डीएसपी (DSP) को निलंबित नहीं किया है। न ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया गया
उन्होंने कहा कि 27 जुलाई को जालंधर पूरी तरह बंद रखकर सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया गया है।

