मृतकों की पहचान पुलिसकर्मी गुरविंदर सिंह और उसके बेटे जोत सिंह के रूप में हुई है। वहीं, पत्नी हरप्रीत कौर और दूसरे बेटे दिलशान सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है। गुरविंदर सिंह मानसा के डिप्टी कमिश्नर के गनमैन के रूप में तैनात था और पिछले दो दिनों से छुट्टी पर चल रहा था।
बताया जा रहा है कि गुरविंदर सिंह सोमवार को ही अपने नए घर में शिफ्ट हुआ था। घर का काम अभी अधूरा था और सामान भी पूरी तरह शिफ्ट नहीं किया गया था। पुलिस ने घर को सील कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती जांच में घटना का कारण घरेलू विवाद माना जा रहा है। हालांकि, वारदात की असली वजह का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।

गोलियों की आवाज सुन घर पहुंचे लोग
घटना मंगलवार सुबह करीब साढ़े 6 से 7 बजे के बीच की है। वार्ड नंबर-5 के निधान सिंह नगर में रहने वाले 40 वर्षीय सीनियर कांस्टेबल गुरविंदर सिंह ने अपनी सरकारी बंदूक से पहले पत्नी हरप्रीत कौर (36) और दोनों बेटों दिलशान सिंह व जोत सिंह को गोली मार दी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मारी।
लगातार गोलियां चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग गुरविंदर सिंह के घर की तरफ भागे। घर के अंदर जाकर देखा तो परिवार के सभी सदस्य खून से लथपथ पड़े थे। इसके बाद लोगों ने सभी घायलों को इलाज के लिए मानसा के सिविल अस्पताल पहुंचाया।
पुलिसकर्मी और छोटे बेटे की मौत
मानसा सिविल अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. रंजीत राय ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 7 बजे गोली लगने से घायल लोगों को अस्पताल लाया गया था। इलाज के दौरान गुरविंदर सिंह और उसके बेटे जोत सिंह की मौत हो गई। जबकि पत्नी हरप्रीत कौर और दूसरे बेटे दिलशान सिंह की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए बठिंडा एम्स रेफर कर दिया गया।

मामले की जांच कर रही पुलिस
घटना की सूचना मिलने के बाद मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। एसएसपी वैभव चौधरी ने बताया कि मामला घरेलू विवाद से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।
उन्होंने बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई सरकारी बंदूक को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पत्नी हरप्रीत कौर और बेटे दिलशान सिंह के बयान दर्ज होना अभी बाकी हैं। उनके बयान मिलने के बाद ही घटना के कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

