चंडीगढ़ / पंजाब में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं। राज्य के वित्त एवं परिवहन मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने इस महत्वपूर्ण फैसले की घोषणा करते हुए बताया कि सरकार ने नियमों के क्रियान्वयन के साथ-साथ आम जनता की सहूलियत के लिए एक पारदर्शी शिकायत निवारण प्रणाली भी तैयार की है। नए नियमों के अनुसार, यदि किसी वाहन चालक को लगता है कि उसे गलत ई-चालान जारी किया गया है, तो वह जारी होने के 45 दिनों के भीतर इसे चुनौती दे सकता है। इसके लिए राज्य के हर जिले में ‘जिला शिकायत निवारण सेल’ (DRC) का गठन किया गया है, जहाँ नागरिक डैशकैम फुटेज, फोटो, वीडियो या गवाहों के बयान जैसे ठोस दस्तावेज प्रस्तुत करके अपना पक्ष रख सकते हैं।
इसके साथ ही, सड़क पर लापरवाही और नियम तोड़ने वालों पर नकेल कसने के लिए सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नए दिशानिर्देशों के तहत खतरनाक ड्राइविंग (Dangerous Driving), नाबालिगों (Minors) द्वारा वाहन चलाने और समय पर वाहन के रिकॉर्ड/दस्तावेज अपडेट न कराने पर प्रशासन द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़कों को सुरक्षित बनाना और ट्रैफिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। सरकार के इस कदम से जहां एक तरफ बेकसूर वाहन चालकों को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों में डर पैदा होगा।

