“मेक इन इंडिया” की उड़ान: भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता”

अखंड केसरी ब्यूरो :-भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन गया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी सरकारी योजनाओं की सफलता का प्रतीक है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि किस प्रकार सही नीति, दृष्टिकोण और संकल्पना से भारत ने वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में अपनी जगह बनाई है। 2014 में जहां देश में केवल दो मोबाइल निर्माण इकाइयां थीं, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 200 से अधिक हो गई है। यह न सिर्फ घरेलू मांग की आपूर्ति कर रहा है बल्कि वैश्विक बाजार में भी भारतीय मोबाइल निर्माण उद्योग की साख को स्थापित करने में सफल रहा है।

मोबाइल निर्माण क्षेत्र में भारत की इस बड़ी छलांग के पीछे कई महत्वपूर्ण पहलू हैं। सबसे पहले, केंद्र सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत देश में विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए एक स्पष्ट रणनीति बनाई। इस रणनीति में निवेश को प्रोत्साहित करना, व्यापार करने में आसानी, स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए नियमों में सुधार और विदेशी कंपनियों को आकर्षित करना शामिल था। इसका सीधा परिणाम यह हुआ कि कई प्रमुख वैश्विक मोबाइल निर्माता कंपनियों ने भारत में अपनी विनिर्माण इकाइयां स्थापित कीं। इसके अलावा, घरेलू कंपनियों ने भी इस क्षेत्र में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए और भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिली।

वर्ष 2014 में भारत में मोबाइल उत्पादन केवल 1,556 करोड़ रुपए था, जो आज बढ़कर 1.2 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर चुका है। इस वृद्धि का सबसे बड़ा श्रेय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा अपनाई गई उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना को जाता है। PLI योजना के तहत, देश में मोबाइल निर्माण के लिए उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिए गए, जिससे न सिर्फ उत्पादन में वृद्धि हुई बल्कि देश में मोबाइल उत्पादन की लागत भी कम हुई। इस योजना ने उन कंपनियों को भी प्रोत्साहित किया जो पहले से ही भारत में काम कर रही थीं, और नए निवेशकों को आकर्षित किया।

भारत के इस सफल सफर में कई राज्यों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य मोबाइल निर्माण के प्रमुख हब बनकर उभरे हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, और बेंगलुरु जैसे शहर आज मोबाइल निर्माण उद्योग के केंद्र बन चुके हैं। यहां पर स्थापित बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां लाखों लोगों को रोजगार दे रही हैं। इन शहरों में न सिर्फ उत्पादन हो रहा है बल्कि यहां पर नवीनतम तकनीक और शोध भी किया जा रहा है, जिससे भारतीय मोबाइल उद्योग की गुणवत्ता में भी सुधार हो रहा है।

साथ ही, सरकार की डिजिटल इंडिया पहल ने भी मोबाइल निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस पहल के अंतर्गत, दूरसंचार और इंटरनेट कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है, जिससे स्मार्टफोन की मांग बढ़ी है। इसके परिणामस्वरूप, देश में स्मार्टफोन की मांग में इजाफा हुआ और यह उद्योग तेजी से बढ़ा। इसने न सिर्फ घरेलू बाजार को सशक्त बनाया बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय मोबाइल उद्योग को मजबूती प्रदान की।

हमारे सहयोगी तापस भट्टाचार्य ने इस उल्लेखनीय विकास पर विशेष बातचीत की इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन से, जिन्होंने बताया कि किस तरह उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना, सरकार की स्पष्ट नीति, और भारतीय उद्यमियों के प्रयासों ने मिलकर इस सफलता को संभव बनाया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आने वाले वर्षों में भारत न सिर्फ मोबाइल निर्माण में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा, बल्कि तकनीकी नवाचारों के क्षेत्र में भी अग्रणी बनकर उभरेगा।

एस. कृष्णन ने यह भी बताया कि भारतीय मोबाइल उद्योग का अगला लक्ष्य 2025 तक देश को मोबाइल निर्यात में आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए सरकार और उद्योग जगत मिलकर काम कर रहे हैं। अगले कुछ वर्षों में, भारत से मोबाइल निर्यात में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी। यह न सिर्फ देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा बल्कि भारतीय मोबाइल निर्माण उद्योग को एक वैश्विक पहचान भी देगा।

इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि आने वाले समय में मोबाइल निर्माण उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), और 5G जैसी उन्नत तकनीकों का समावेश होगा। यह न सिर्फ मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में भारत को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा, बल्कि वैश्विक बाजार में भी भारतीय तकनीकी क्षमताओं को स्थापित करेगा।

इस तरह, भारत का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बनना, एक बड़ी उपलब्धि है जो न सिर्फ देश की तकनीकी क्षमता को दर्शाता है बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि सही दिशा में किए गए प्रयास किस तरह से देश को वैश्विक मंच पर एक प्रमुख स्थान दिला सकते हैं।

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