आयुर्वेद पर्यावरण को आत्मसात करते हुये मानव जीवन के साथ साथ पशु और पौधों को भी लाभ पहुंचाता है: सर्बानंद सोनोवाल

दिनांक 10 अक्टूबर,,2023 पी.आई.बी. दिल्ली
केंद्रीय आयुष और पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज देश भर में 8 वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के संबंध में एक महीने तक चलने वाले अभियान का अनावरण किया। आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि के सम्मान में पूरे भारत में आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है।
संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने जनसंदेश, जनभागीदारी और जन आंदोलन पर जोर दिया और कहा आयुष मंत्रालय का उद्देश्य न केवल मानव बल्कि पर्यावरण की भलाई को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेद की संभावनाओं का पता लगाना है । यह विषय भारत की जी-20 प्रेसीडेंसी ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की थीम के अनुरूप है और आयुर्वेद दिवस-2023 के लिए मुख्य विषय मानव-पशु-पौधे-पर्यावरण इंटरफेस पर ध्यान केंद्रित कर ‘एक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद’ के रूप में निर्धारित किया गया है।

केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने महीने भर चलने वाले समारोह के सम्पूर्ण दृष्टिकोण के बारे में विस्तार से बताया और अब तक किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला। मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत में विश्वास करता हुआ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की क्षमता, समग्र उपचार और स्वस्थ जीवन के विज्ञान का उपयोग कर, एक स्वास्थ्य की चिंताओं को दूर करने के लिए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक क्रांति लाई जा सकती है।
आयुर्वेद के बारे में छात्रों, किसानों और जनता को जागरूक करने के लिए पूरे भारत में एक महीने के समारोहों की योजना बनाई गई है। इस साल का 8वां आयुर्वेद दिवस 10 नवंबर, 2023 को है। आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद दिवस के लिए विभिन्न विषयों को चुना है जिससे कि आयुर्वेद के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान किया जा सके। विभिन्न विषयों का चयन कर देश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं। इससे लोगों में स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ इस मुद्दे की रोकथाम और उपचार में आयुर्वेद की संभावित भूमिका के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद मिलती है।

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