
DC बोले- किसी की मौत नहीं हुई है लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर जितेंद्र जोरवाल ने बताया कि इस वक्त हम फोकल प्वाइंट में हैं। एनडीआरएफ की टीम पहुंच गई है। फैक्ट्री के मालिक ने बताया कि सुबह 29 लोग पिलर को ठीक करने का काम कर रहे थे। जब पिलर गिरा तो सात लोग अंदर थे। इनमें से एक को सुरक्षित निकाल लिया गया है। अभी 6 लोग अंदर फंसे हैं। निकाले गए आदमी को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। अभी किसी की भी मौत नहीं हुई है। रेस्क्यू जारी है। मेडिकल की टीमें भी मौके पर बुला ली गई हैं। हम भगवान से अरदास करते हैं कि सभी अंदर सुरक्षित हों।
बिल्डिंग के गिरने के कारण आसपास मलबा फैल गया।
मजदूर बोला- बाहर निकलने में आधा घंटा लगा जिस समय ये हादसा हुआ उस समय बिल्डिंग में पिलर शिफ्टिंग का काम चल रहा था। एक मजदूर ने जानकारी देते हुए कहा कि, “बिल्डिंग पर लगा पिलर गला हुआ था, उसके ही बगल में सपोर्ट लगा रहे थे। इसके लिए क्रेन लगी हुई थी, हम भी क्रेन के पास ही खड़े थे। तभी अचानक छत गिर गई। अंदर मलबा ही मलबा हो गया, कुछ भी दिखना बंद हो गया। हम लोग किसी तरह बाहर निकलना चाहते थे और करीब आधे घंटे बाद हम बाहर निकल आए।
छत गिरने से एक मजदूर के सिर पर चोट आई मलबे से बाहर निकाले गए मनोज कुमार ने बताया कि- शाम 6 बजे के करीब हाइड्रा मशीन से पिलर शिफ्टिंग का काम किया जा रहा था। चैनल लगाते वक्त ये चैनल पहले हमारे ऊपर गिर गया। इसके बाद पूरी छत गिर गई। मेरा सिर फट गया है। पैर में भी चोट लगी है। 30-35 लोग काम में लगे थे। सब अंदर दब गए थे। बाकी सब बाहर आ गए हैं। अभी 5-6 आदमी अंदर हैं।


