2294 हीरों से जड़ा मुकुट: काशी विश्वनाथ मंदिर को मिला अनूठा दान

अखंडकेसरी ब्यूरो:- वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में हाल ही में एक विशेष और भव्य हीरा जड़ित मुकुट का दान किया गया है। यह मुकुट, जिसमें कुल 2294 हीरे जड़े हुए हैं, सावन के पवित्र महीने के अवसर पर बेंगलुरु की संस्था एमएस रामईह फाउंडेशन द्वारा दान किया गया। इस मुकुट की कीमत लगभग 47 लाख रुपए आंकी गई है। बेंगलुरु की अनिता, जो इस संस्था से जुड़ी हैं, ने मंगलवार की सुबह बाबा विश्वनाथ के मंदिर में पूजा के बाद यह मुकुट मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, विश्व भूषण मिश्र को सौंपा। पूजा की प्रक्रिया काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक श्रीकांत मिश्रा द्वारा कराई गई थी।

मुकुट में 2294 हीरे लगे हुए

मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मुकुट में 2294 हीरे लगे हुए हैं और इसे बनाने में लगभग 300 ग्राम से अधिक 18 कैरेट का सोना उपयोग में लाया गया है। मुकुट पर भगवान शिव की खूबसूरत आकृति उकेरी गई है, जो इसकी दिव्यता और भव्यता को दर्शाती है। यह मुकुट मंदिर की संपत्ति को और भी गौरवमयी बनाता है। इससे पहले, 23 नवम्बर 2023 को भी एक सुंदर मुकुट दान किया गया था, जिसकी कीमत लगभग 35 लाख रुपए थी। वह मुकुट 400 ग्राम सोने से बना था और उसमें विभिन्न रत्न भी जड़े हुए थे। यह मुकुट हैदराबाद के सामवेद सनमुख शर्मा महाराज द्वारा भेंट किया गया था।

आय में चार गुना की वृद्धि हुई

आर्थिक दृष्टिकोण से भी काशी विश्वनाथ मंदिर में पिछले कुछ वर्षों में काफी बदलाव आया है। वित्तीय वर्ष 2017-18 से लेकर 2023-24 तक बाबा की आय में चार गुना की वृद्धि हुई है। कोरोना काल के दौरान हालांकि भक्तों की संख्या में कुछ कमी आई थी, लेकिन मंदिर के विस्तार और विकास ने तीर्थाटन को प्रोत्साहित किया है। चढ़ावा, दान, टिकट बिक्री और परिसर में नव निर्मित भवनों से प्राप्त आय के माध्यम से बाबा की आय में पिछले सात वर्षों में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है। विशेष रूप से, 13 दिसम्बर 2021 को विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद, मई 2024 तक भक्तों की संख्या 16.22 करोड़ तक पहुंच गई है।

लोग अपनी श्रद्धा और भक्ति को अनूठे और समर्पित

यह मुकुट और बाबा के मंदिर का विस्तार इस बात का प्रमाण है कि धार्मिक स्थानों में भक्तों की आस्था और श्रद्धा कितनी गहरी होती है, और कैसे यह आस्था मंदिर के विकास और उसके भक्तों की संख्या में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। काशी विश्वनाथ मंदिर में होने वाले इस प्रकार के दान और योगदान से यह स्पष्ट होता है कि लोग अपनी श्रद्धा और भक्ति को अनूठे और समर्पित तरीके से प्रकट कर रहे हैं।

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