अखंड केसरी ब्यूरो :-भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने हाल ही में स्पैम और धोखाधड़ी से उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 27 अगस्त 2024 को नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में विनियामकों की संयुक्त समिति (जेसीओआर) की बैठक बुलाई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें आईआरडीएआई, पीएफआरडीए, आरबीआई, सेबी, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और ट्राई शामिल थे। इसके अतिरिक्त, दूरसंचार विभाग और गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
ट्राई के चेयरमैन श्री अनिल कुमार लाहोटी ने अपने संबोधन में स्पैम मैसेज और अनचाही कॉल्स की समस्या से निपटने के लिए नियामकों के संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर विशेष ध्यान दिलाया कि यूआरएल, एपीके, ओटीटी लिंक, और कॉल बैक नंबरों की व्हाइटलिस्टिंग, टेलीमार्केटर्स का डीएलटी प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरण, और पीई-टीएम चेन बाइंडिंग के लिए टेलीमार्केटर्स की पूरी श्रृंखला की घोषणा जैसे उपाय तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने चाहिए।
बैठक के दौरान, अनचाही वाणिज्यिक संचार (यूसीसी) और दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग के माध्यम से की जाने वाली धोखाधड़ी से निपटने के लिए विभिन्न संभावित रणनीतियों पर चर्चा की गई। इसमें कंटेंट टेम्प्लेट में शामिल लिंक और नंबरों की व्हाइटलिस्टिंग, अनचाही कॉल्स के लिए पीआरआई/एसआईपी चैनलों का अनुचित उपयोग, और उपभोक्ताओं से डिजिटल सहमति लेने के लिए डीसीए प्रणाली का प्रभावी उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे।
इसके अलावा, बैठक में सेवा और लेन-देन संबंधी कॉल्स के लिए 160 श्रृंखला का उपयोग सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई, जिससे उपभोक्ताओं को आने वाली कॉल्स की पहचान में आसानी हो सके। इसके साथ ही, दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग और धोखाधड़ी को रोकने के लिए नियामकों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
जेसीओआर की इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को स्पैम और धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना और एक अधिक सुरक्षित और कुशल दूरसंचार परिवेश सुनिश्चित करना था। इस बैठक से यह उम्मीद की जा रही है कि ट्राई और अन्य नियामक संस्थाएं मिलकर उपभोक्ताओं को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाएंगी।


