अखंड केसरी ब्यूरो :-कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज सुल्तानपुर की एम.पी एम.एल.ए. कोर्ट में पेश होंगे। यह पेशी एक मानहानि मामले के संदर्भ में है, जिसमें राहुल गांधी ने केन्द्रीय गृहमंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित बयानबाजी की थी। यह मामला भाजपा नेता विजय मिश्रा द्वारा 4 अगस्त 2018 को दर्ज कराया गया था, जिसमें राहुल गांधी पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने कर्नाटक में एक जनसभा के दौरान अमित शाह के खिलाफ अनुचित टिप्पणी की थी।
कांग्रेस के राहुल गांधी अपना बयान दर्ज करायेंगे
इस मामले की सुनवाई सुल्तानपुर के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा के कोर्ट में हो रही है, जहां आज कांग्रेस के राहुल गांधी अपना बयान दर्ज करायेंगे। इस मामले ने राजनीतिक हलकों में काफी हलचल मचाई है, क्योंकि यह न केवल व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप का मामला है, बल्कि इससे संबंधित नेताओं के राजनीतिक भविष्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है। राहुल गांधी की इस पेशी को लेकर कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है।
राहुल गांधी पर आरोप
गांधी पर आरोप है कि उन्होंने कर्नाटक में एक जनसभा के दौरान अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी की थी, जो न केवल अमर्यादित थी बल्कि मानहानि की श्रेणी में भी आती है। विजय मिश्रा ने इस टिप्पणी को लेकर मामला दर्ज कराया था और दावा किया था कि राहुल गांधी के इस बयान से अमित शाह की छवि धूमिल हुई है और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इस मामले में अब तक कई सुनवाई हो चुकी हैं और राहुल गांधी की पेशी को लेकर कोर्ट का माहौल गरमाया हुआ है।
इस प्रकरण में राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि के मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी रणनीति बनाई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने जो कहा था, वह राजनीतिक आलोचना के दायरे में आता है और इसे मानहानि के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। कांग्रेस ने इस मामले को राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में भी देखा है और कहा है कि भाजपा इस मामले का उपयोग करके राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को निशाना बना रही है।
राहुल गांधी की कड़ी आलोचना
वहीं, भाजपा ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और कहा है कि राहुल गांधी को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। पार्टी के नेताओं ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि इस तरह की बयानबाजी लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह के बयान से राजनीतिक शुचिता पर सवाल उठता है और इससे जनता के बीच गलत संदेश जाता है।
आज राहुल की कोर्ट में पेशी को लेकर सुल्तानपुर के कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस और भाजपा के समर्थकों की भीड़ जुटी हुई है, जो अपने-अपने नेताओं के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं। कोर्ट के अंदर और बाहर का माहौल काफी गर्म है और मीडिया की नजरें भी इस मामले पर टिकी हुई हैं।
भाजपा इसे कानूनी प्रक्रिया
राहुल गांधी की इस पेशी का परिणाम क्या होगा, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इस मामले ने एक बार फिर से राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देख रही है, वहीं भाजपा इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा मान रही है। दोनों पार्टियों के बीच इस मामले को लेकर तनातनी बनी हुई है और देखना यह होगा कि कोर्ट का फैसला क्या होता है और इसका राजनीतिक परिदृश्य पर क्या प्रभाव पड़ता है।
इस प्रकरण में राहुल गांधी की पेशी के बाद क्या नई जानकारियां सामने आएंगी और क्या कोर्ट इस मामले में उन्हें दोषी मानती है या नहीं, यह सवाल सभी के मन में है। इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख क्या होगी और इस पर आगे क्या कार्रवाई होगी, यह जानने के लिए सभी की नजरें सुल्तानपुर कोर्ट पर टिकी हुई हैं।
इस प्रकार, राहुल गांधी की सुल्तानपुर कोर्ट में पेशी ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि राजनीतिक जगत में बयानबाजी कितनी गंभीरता से ली जाती है और इसका कानूनी दायरा कितना विस्तृत हो सकता है। इस मामले का फैसला चाहे जो भी हो, लेकिन यह निश्चित है कि इसका राजनीतिक प्रभाव दूरगामी होगा और दोनों पार्टियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।


