शुभ घड़ी आई, आज घर आएंगे रघुराई, 500 सालों के इंतजार का वनवास खत्म

प्राचीन और स्वर्णिम अयोध्या के अपने राजा राम आज अपने घर आएंगे। 500 सालों के इंतजार का वनवास खत्म होगा। रामभक्तों के लिए इस पवित्र क्षण को शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है। उनके लिए एक भावुक क्षण है। पूरी नगरी को आध्यात्मक रंग देकर सजाया गया है। सुबह 10 बजे से मंगल ध्वनि का भव्य वादन शुरू हो गया है। 18 राज्यों से 50 से अधिक मनोरम वाद्ययंत्र 2 घंटे तक इस शुभ घटना के साक्षी बन रहे हैं।

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  • जन्मभूमि परिसर में मेहमानों का आगमन शुरू हो गया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे। उन्होंने लोगों का अभिवादन किया।
  • आरती के समय सभी अतिथियों के हाथ में घंटी रहेगी, जिसे आरती के समय सभी अतिथि बजाएंगे। आरती के समय सेना के हेलिकॉप्टर अयोध्या में पुष्प वर्षा केरेंगे। परिसर में 30 कलाकार अलग-अलग भारतीय वाद्यों का वादन करते रहेंगे। एक समय वे सभी एक साथ वादन करेंगे।
  • प्राणप्रतिष्ठा और राम मंदिर आंदोलन के बारे में बोलते हुए अभिनेता मनोज जोशी भावुक हो गए। कवि कुमार विश्वास ने कहा कि यह बड़े सौभाग्य का क्षण है। इस क्षण के लिए लोगों ने 550 साल तक इंतजार किया।जानिए क्या है अभिजीत मुहूर्त?
    पौष माह की द्वादशी तिथि को अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12:20 बजे से रामलला की प्राण प्रतिष्ठा शुरू होगी। अभिजीत मुहूर्त में भगवान राम का जन्म हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभिजीत मुहूर्त, इंद्र योग, मृगशिरा नक्षत्र, मेष लग्न एवं वृश्चिक नवांश में रामलला को प्राण प्रतिष्ठित करेंगे। 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड के बीच 84 सेकंड के शुभ मुहूर्त में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा होगी।पीएम मोदी विग्रह की आंखों पर बंधी पट्टी खोलेंगे। उनकी आंखों सोने की सलाई से काजल लगाएंगे। सोने के वस्त्र पहनाए जाएंगे। रामलला को 56 भोग लगेगा। कुल एक मिनट 24 सेकंड की विशेष पूजा होगी। यह अनुष्ठान काशी के प्रख्यात आचार्य गणेश्वर द्रविड़ और आचार्य लक्ष्मीकांत की अगुवाई में 121 वैदिक आचार्य संपन्न कराएंगे। इस दौरान 150 से अधिक परंपराओं के संत-धर्माचार्य और 50 से अधिक आदिवासी, गिरिवासी, तटवासी, द्वीपवासी और जनजातीय परंपराओं के लोग भी मौजूद रहेंगे।प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से जुड़ी 11 अहम बातें

    • प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। नाइट विजन उपकरणों से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। जानिए बड़ी बातें
    • प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए करीब 8000 लोगों को आमंत्रित किया गया है। ज्यादातर लोग एक दिन पहले रविवार को अयोध्या पहुंच गए। एक समय शांत शहर, अब यह भारत के राजनीतिक और धार्मिक इतिहास की महत्वपूर्ण घटना की साक्षी बन रहा है।
    • शहर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है। लाउडस्पीकरों पर ‘राम धुन’ बज रही है। भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान के रूप में सजे लोग नजर आए।
    • जगह-जगह रंग बिरंगे फूल, लाइटें और ‘जय श्री राम’ लिखे प्रवेश द्वार प्राचीन शहर की आभा को बढ़ा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पूरा देश भगवान राम का नाम जप रहा है।
    • अयोध्या की सड़कें और छोटी-बड़ी इमारतों की छतों पर भगवा झंडे लहरा रहे हैं। लता मंगेशकर चौक पर भगवान राम के साथ राम मंदिर के कटआउट लगाए गए हैं।
    • मुख्य समारोह दोपहर 12.20 बजे शुरू होगा और दोपहर 1 बजे तक समाप्त होने की उम्मीद है। इसके बाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम स्थल पर संतों और प्रमुख हस्तियों सहित 8,000 से अधिक लोगों की एक सभा को संबोधित करेंगे। पूरे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा।
    • निगरानी ड्रोन संदिग्ध गतिविधि के लिए जमीन की जांच कर रहे हैं। अयोध्या के ‘येलो जोन’ में चेहरा-पहचान तकनीक वाले 10,715 AI कैमरे हैं।
    • इमरजेंसी सेवाओं के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को तैनात किया गया है। एसडीआरएफ की टीमें सरयू नदी पर नाव से गश्त करेंगी।
    • संभावित हवाई खतरों से निपटने के लिए यूपी विशेष सुरक्षा बल (एसएसएफ) द्वारा एक एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि मंदिर शहर में सुरक्षा बढ़ाने के ठोस प्रयासों के तहत, अयोध्या पर एंटी-माइन ड्रोन के साथ-साथ एआई से लैस ड्रोन की निगरानी में है।
    • एंटी-माइन ड्रोन जमीन से एक मीटर की ऊंचाई पर उड़ते हैं। ये भूमिगत विस्फोटकों का पता लगाने के लिए स्पेक्ट्रोमीटर वेवलेंथ डिटेक्शन जैसी उन्नत तकनीक से लैस हैं।
    • अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई राम लला की नई मूर्ति को गर्भगृह में रखा गया है। 5 वर्ष के रामलला कमल पर खड़े हुए दिखाया गया है, जिसे उसी पत्थर से बनाया गया है।
    • अस्थाई मंदिर से भगवान राम, उनके तीनों भाइयों की प्रतिमा को भी नए मंदिर में रखा गया है। नई मूर्ति इसलिए प्राण प्रतिष्ठित की जाएगी, ताकि भक्तों से दूर से उनके दर्शन हो सकें।
    • श्रीराम ज्योति जलाकर मनेगी दिवाली

      प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद श्रीराम ज्योति जलाकर दीपोत्सव मनाया जाएगा। अयोध्या में 10 लाख दीपों से उत्सव मनाया जाएगा। अयोध्या के 100 मंदिरों, प्रमुख चौराहों पर दीप जलाए जाएंगे। पूरे देश में दीपोत्सव मनाया जाएगा। 

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