हिमाचल में कांग्रेस नेताओं के ठिकानों पर 31 जुलाई को ED की छापेमारी, ऊना से कांगड़ा तक बड़ी कार्रवाई

कांग्रेस नेताओं और उनके करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी

हिमाचल प्रदेश ब्यूरो: हिमाचल प्रदेश में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। ED ने हिमाचल के ऊना से लेकर कांगड़ा तक कई कांग्रेस नेताओं और उनके करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। इस अभियान के दौरान ED ने ऊना के बांके बिहारी हेल्थ केयर अस्पताल को अपने निशाने पर लिया है, जहां सुबह से ही छापेमारी जारी है। ED की यह कार्रवाई अस्पताल के वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी और आयुष्मान भारत योजना के तहत दी जा रही सेवाओं में अनियमितताओं की सूचना के बाद की जा रही है।

कांग्रेस विधायक आरएस बाली के निवास और उनके फोर्टिस अस्पताल पर भी छापेमारी

ऊना के बांके बिहारी हेल्थ केयर अस्पताल पर सुबह-सुबह ED की टीम ने दबिश दी। अस्पताल में चल रही सेवाओं और रिकॉर्ड्स की गहन जांच की जा रही है। ED ने अस्पताल के प्रशासन से जुड़े लोगों को बाहर जाने पर रोक लगा दी है, जिससे जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न हो सके। बताया जा रहा है कि अस्पताल के रिकॉर्ड्स में कुछ गड़बड़ियां मिली हैं, जिनकी जांच अभी चल रही है। इसके साथ ही ED ने नगरोटा बगवां से कांग्रेस विधायक आरएस बाली के निवास और उनके फोर्टिस अस्पताल पर भी छापेमारी की है।

दस्तावेजों के आधार पर ED आगे की जांच

कांगड़ा जिले में कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष और मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले राजेश शर्मा के घर पर भी ED की टीम ने दस्तक दी। ED ने उनके बालाजी अस्पताल में भी जांच की, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ कब्जे में लिए गए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर ED आगे की जांच कर रही है। इसके अलावा, कांगड़ा के अन्य निजी अस्पतालों पर भी छापेमारी जारी है, जहां ED की टीम वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग की जांच कर रही है।

 

शिमला, मंडी और कुल्लू के कई इलाकों में भी ED की टीमें सक्रिय हैं। कुल्लू में दो अस्पतालों पर ED ने दबिश दी है, जहां आयुष्मान भारत योजना और अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही ?कांग्रेस

इस व्यापक कार्रवाई ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने ED की इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार अपने विरोधियों को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने इस कार्रवाई के खिलाफ जोरदार विरोध जताया है और इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है। दूसरी ओर, भाजपा ने ED की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा है कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है।

ED की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती

हिमाचल प्रदेश में ED की इस कार्रवाई से राजनीति में नए सिरे से खींचतान शुरू हो गई है। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र इस तरह की कार्रवाई से राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है। अब देखना यह होगा कि ED की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और इसके नतीजे क्या होते हैं। फिलहाल, ED की इस कार्रवाई से हिमाचल प्रदेश की राजनीति और अस्पतालों के वित्तीय लेनदेन में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

 

ED की इस कार्रवाई के बाद प्रदेश के अन्य नेताओं और व्यापारियों के बीच भी दहशत का माहौल है। सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि ED की अगली कार्रवाई किस ओर होगी और क्या इससे हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक समीकरणों में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। ED की इस कार्रवाई से जहां प्रदेश में सियासी पारा चढ़ा हुआ है, वहीं आम जनता भी इस मामले पर गहरी नजर बनाए हुए है।

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