भारतीय सेना की टुकड़ी ओमान में संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अल नजाह-V’ के लिए रवाना, आतंकवाद विरोधी अभियानों पर केंद्रित”

भारतीय सेना की टुकड़ी आज पांचवें भारत-ओमान संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अल नजाह-V’ के लिए रवाना हो गई है, जो 13 से 26 सितंबर 2024 तक ओमान के सलालाह में स्थित रबकूट प्रशिक्षण क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। यह सैन्य अभ्यास भारत और ओमान के बीच बारी-बारी से आयोजित होने वाला द्विवार्षिक अभ्यास है, जिसकी शुरुआत 2015 में हुई थी। पिछले संस्करण की मेज़बानी भारत ने राजस्थान के महाजन क्षेत्र में की थी, और इस बार इसे ओमान के रेगिस्तानी इलाके में संचालित किया जाएगा।

इस अभ्यास में भारतीय सेना की ओर से 60 कर्मियों की एक टुकड़ी हिस्सा ले रही है, जिसका नेतृत्व मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन कर रही है। इसमें अन्य सेवाओं और अंगों के कर्मी भी शामिल होंगे। वहीं, ओमान की शाही सेना की ओर से भी 60 सैनिकों की टुकड़ी शामिल है, जिसमें फ्रंटियर फोर्स के जवान शामिल होंगे। इस सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत आतंकवाद विरोधी अभियानों में दोनों देशों की संयुक्त सैन्य क्षमता को बेहतर बनाना है, जिससे दोनों देशों की सेनाएं आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर सकें।

इस अभ्यास में विशेष रूप से रेगिस्तानी इलाकों में संचालन पर ध्यान दिया जाएगा, जहां सामरिक अभ्यासों में संयुक्त योजना, घेरा और खोज अभियान, निर्मित क्षेत्रों में युद्ध, मोबाइल वाहन चेक पोस्ट की स्थापना, काउंटर ड्रोन ऑपरेशन्स और रूम इंटरवेंशन जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियाँ शामिल होंगी। इसके अलावा, वास्तविक दुनिया के आतंकवाद विरोधी अभियानों का अनुकरण करने के लिए संयुक्त क्षेत्र प्रशिक्षण अभ्यास की भी योजना बनाई गई है, जो सैन्य रणनीति, तकनीकों और प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान में मददगार साबित होगा।

अल नजाह-V अभ्यास न केवल दोनों देशों की सेनाओं के बीच अंतरसंचालनीयता को बढ़ाएगा, बल्कि उनके बीच सद्भाव, सौहार्द और आपसी विश्वास को भी मजबूत करेगा। इसके साथ ही, यह अभ्यास भारत और ओमान के बीच रक्षा सहयोग को और गहरा करेगा, जिससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में और मजबूती आएगी।

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