कोलकाता, 31 अगस्त: कोलकाता में हाल ही में हुए दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस वीभत्स घटना के बाद से राजनीति भी तेज हो गई है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच इस मुद्दे पर खुला टकराव देखने को मिल रहा है। भाजपा ने इस मामले को लेकर ममता सरकार की कड़ी आलोचना की है। पार्टी का कहना है कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है और सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रही है। भाजपा के नेताओं ने प्रदेशभर में ममता सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए और इस मुद्दे को लेकर विधानसभा में भी आक्रामक रुख अपनाया।
दूसरी ओर, टीएमसी पर इस मामले में दबाव बढ़ता जा रहा है। आरोपों से घिरी टीएमसी ने भी अपना विरोध जताने के लिए पूरे प्रदेश में रैलियों का आयोजन किया। पार्टी के नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की है कि देश में दुष्कर्म के मामलों में दोषियों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान करने वाला कानून जल्द से जल्द पारित किया जाए। टीएमसी का दावा है कि इस कानून के जरिए ही ऐसे जघन्य अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है।
राजनीतिक माहौल में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच टकराव इतना बढ़ गया है कि इससे प्रदेश की राजनीति में नई उथल-पुथल का अंदेशा है। दोनों पार्टियों के नेता लगातार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जिससे यह मामला अब सिर्फ कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि एक राजनीतिक संघर्ष का रूप ले चुका है।
कोलकाता की इस घटना ने न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक मंच पर और भी जोर पकड़ेगा।


