वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर महाकुंभ में तीसरा और अंतिम अमृत स्नान हुआ। प्रयागराज के पवित्र संगम में साधु-संतों का भव्य प्रवेश हुआ। हाथों में तलवार, गदा, डमरू और शंख लिए, शरीर पर भभूत लगाए पहुंचे। देखें तस्वीरें।
Mahakumbh 2025 Amrit snan images: वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर महाकुंभ में तीसरा और अंतिम अमृत स्नान हुआ। प्रयागराज के पवित्र संगम में साधु-संतों का भव्य प्रवेश हुआ। हाथों में तलवार, गदा, डमरू और शंख लिए, शरीर पर भभूत लगाए, और आंखों पर काला चश्मा पहने संतों का अनूठा स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सबसे पहले पंचायती निरंजनी अखाड़े के संत संगम पहुंचे, इसके बाद सबसे बड़े जूना अखाड़े ने स्नान किया। किन्नर अखाड़े के संतों ने भी संगम में डुबकी लगाकर आस्था की मिसाल पेश की। 15 तस्वीरें में देखें कैसे हुआ आखिरी अमृत स्नान
गदा के साथ संगम के जल में स्नान करता एक साधु।
महाकुंभ में संतों के दर्शन और आशीर्वाद के लिए संगम पर लाखों श्रद्धालु उमड़ पड़े हैं। श्रद्धालु नागा साधुओं के चरणों की धूल माथे पर लगा रहे हैं।
हाथ में तलवार लेकर जयघोण करते एक साधु।
भक्तों की भीड़ संगम तक पहुंचने के लिए घंटों पैदल यात्रा कर रही है। देश ही नहीं, बल्कि 30 से अधिक देशों के श्रद्धालु भी महाकुंभ में पहुंचे हैं।
अनुशासित ढंग से आगे बढ़ती साधुओं की शोभा यात्रा।
हेलिकॉप्टर से संगम क्षेत्र में 20 क्विंटल फूलों की वर्षा की गई। जैसे ही अमृत स्नान के लिए साधुओं की टोली पहुंची आसमान से फूल बरसने लगे।
संगम तट पर धूनी रमाता एक साधु।
महाकुंभ में भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रयागराज जंक्शन से संगम तक करीब 10 किमी लंबा श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा हुआ है।
अखाड़ों के शोभा यात्रा में इस अंदाज में पहुंचे साधु।
लाखों लोग संगम पहुंचने के लिए 8 से 10 किमी तक पैदल चल रहे हैं। भीड़ को करने के लिए लेटे हनुमान मंदिर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
कुछ इस तरह गाड़ियों की छतों पर बैठकर पहुंचे साधु।
पूरे मेला क्षेत्र में ट्रैफिक को वन-वे कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
किन्नर अखाड़े के साध्वियों ने जटाओं का किया संगम जल से अभिषेक।
महाकुंभ मेले के 22वां दिन सोमवार को दोपहर 3 बजे तक 1.25 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया। 13 जनवरी से अब तक 34.97 करोड़ से ज्यादा भक्त डुबकी लगा चुके हैं।
विदेशियों ने भी पावन जल में लगाई डुबकी।
महाकुंभ की सुरक्षा के लिए 60 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए 100 से ज्यादा नए IPS अधिकारियों को तैनात किया गया है।
संगम के पावन जल में अठखेलियां करते श्रद्धालु।
मेले की निगरानी हेलिकॉप्टर से की जा रही है, वहीं 2750 से अधिक CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके अलावा, लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर कंट्रोल रूम बनाया गया है।
कुछ इस तरह जयघाेण करते संगम तट पर पहुंचे साधु-साध्वी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद तड़के 3 बजे से पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। DGP और प्रमुख सचिव गृह भी लगातार अपडेट ले रहे हैं।
संगम तट पर स्नान के बाद बैठे नागा साधु।
हर-हर महादेव के गगनभेदी जयघोष के बीच आस्था की यह यात्रा अपने अंतिम चरण में है, लेकिन इसकी भव्यता और ऐतिहासिकता इसे हमेशा के लिए यादगार बना रही है।
संगम के जल में मस्त मलंग सा नहाते नागा साधु।
सूरत की सांसद दर्शना ने संगम में लगाई डुबकी
सूरत की सांसद दर्शना जरदोश ने बसंत पंचमी के पावन अवसर पर संगम में डुबकी लगाई। उन्होंने एक्स पर तस्वीर साझा कर लिखा- प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। ऐतिहासिक महाकुंभ, जो 144 वर्षों बाद आयोजित हो रहा है, मेरे लिए और भी विशेष है क्योंकि यह हिन्दू पंचांग के अनुसार मेरा 65वां जन्मदिन भी है। भोलेनाथ की असीम कृपा से यह अवसर प्राप्त हुआ। हर हर महादेव
सूर्य को अर्घ्य देती हुईं सूरत की सांसद दर्शना जरदोश।
संगम में विदेशी भक्तों ने लगाई डुबकी
वसंत पंचमी के पावन अवसर पर विदेशी भक्तों ने भारतीय संस्कृति, धर्म और आस्था का सम्मान करते हुए संगम में डुबकी लगाई। इससे संदेश जाता है कि धर्म और आस्था की कोई सीमा नहीं होती, ये सबको एकजुट करती हैं।
बसंत पंचमी के पावन अवसर पर संगम में विदेशी भक्तों डुबकी लगाई
ड्रोन से ली गई तस्वीर
ड्रोन से ली गई संगम तट की तस्वीरें वाकई अद्भुत हैं! महाकुंभ के दौरान संगम तट का दृश्य विशेष रूप से आकर्षक और दिव्य होता है, जब लाखों भक्त एकत्रित होते हैं और श्रद्धा में डुबकी लगाते हैं। ड्रोन से लिया गया दृश्य उस भव्यता और विशालता को पूरी तरह से कैद कर लेता है, जिसे आमतौर पर हमारी आंखें नहीं देख सकतीं।
ड्रोन से ली गई तस्वीर में संगम तट का अद्भुत नजारा।


