विपक्ष की मांग पर बढ़ा मानसून सत्र, लेकिन गंभीरता की कमी: CM सुक्खू ने उठाया पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन का मुद्दा”

अखंड केसरी ब्यूरो:-हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि यह पहली बार है जब मानसून सत्र इतना लंबा चला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग पर इसे एक दिन और बढ़ाया गया है, लेकिन विपक्ष इस मामले में गंभीर नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को गंभीरता दिखानी चाहिए। विपक्ष ने वित्तीय कुप्रबंधन का मुद्दा उठाना चाहा, जिस पर चर्चा और बातचीत हुई, लेकिन जब पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बोल रहे थे, तो विपक्ष के केवल 7-8 सदस्य ही मौजूद थे। यहां तक कि जयराम ठाकुर का समर्थन करने वाले लोग भी नहीं थे।

सुक्खू ने अपनी सरकार द्वारा की गई चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि हमने बताया कि किस प्रकार उनकी सरकार में वित्तीय कुप्रबंधन हुआ था। उन्होंने कहा कि जिस राज्य को 2017-18 में 10-11 हजार करोड़ की राजस्व घाटा अनुदान मिली थी, अब अगले साल हमें केवल 3 हजार करोड़ की अनुदान प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी इशारा किया कि यह वित्तीय कुप्रबंधन पिछली सरकार की नीतियों के कारण हुआ है, जिसका असर अब राज्य पर पड़ रहा है।

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