नई दिल्ली, 05 सितंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रुनेई और सिंगापुर की सफल यात्रा के बाद आज भारत लौटे हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना था। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रुनेई के सुलतान से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों में व्यापार, ऊर्जा, और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। ब्रुनेई ने भारत को उसकी ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग का आश्वासन दिया और भारत को अधिक तेल और गैस की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया। दोनों देशों ने व्यापार, शिक्षा, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक सहयोग योजना तैयार की है, जो भविष्य में दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाएगी।
सिंगापुर में, प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री और अन्य उच्च स्तरीय अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों ने आर्थिक साझेदारी और तकनीकी सहयोग के नए आयाम तलाशे। प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगापुर की स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की सराहना की और भारत में इसी तरह की परियोजनाओं के लिए सहयोग का प्रस्ताव रखा। उन्होंने डिजिटल और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध और भी मजबूत हो सकें। इसके साथ ही, सुरक्षा और रक्षा सहयोग को भी एक नई दिशा देने की दिशा में कदम उठाए गए।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने ब्रुनेई और सिंगापुर के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और भी मजबूत किया है। इन यात्राओं के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी गहन चर्चा की, जिससे भारत के अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा मिली है। उनकी इस यात्रा से भारत की वैश्विक भूमिका और प्रभाव में वृद्धि हुई है, और यह यात्रा भारत की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।


