अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का शुभ समय करीब आ गया है. सोमवार (22 जनवरी 2024) को दोपहर 12.30 बजे से 1 बजे के बीच रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी. प्राण प्रतिष्ठा के लिए करीब 84 सेकंड का मुहूर्त है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान 121 पुजारियों की टीम करेगी। काशी के विद्वान लक्ष्मीकांत दीक्षित मुख्य पुजारी होंगे। लक्ष्मीकांत दीक्षित समेत 5 लोग रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान गर्भगृह में मौजूद रहेंगे। आइए जानते हैं कि लक्ष्मीकांत दीक्षित कौन हैं? लक्ष्मीकांत दीक्षित मूल रूप से महाराष्ट्र के शोलापुर जिले के रहने वाले हैं, लेकिन कई पीढ़ियों से उनका परिवार काशी में रह रहा है। उनके पूर्वजों ने नागपुर और नासिक रियासतों में भी कई धार्मिक अनुष्ठान कराए हैं।
कौन हैं लक्ष्मीकांत दीक्षित?
लक्ष्मीकांत दीक्षित वाराणसी के मीरघाट स्थित सांगवेद महाविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य हैं। सांगवेद महाविद्यालय की स्थापना काशी नरेश के सहयोग से की गई थी। पंडित लक्ष्मीकांत की गिनती काशी में यजुर्वेद के अच्छे विद्वानों में होती है।उन्हें पूजा पद्धति में भी महारत हासिल है. लक्ष्मीकांत दीक्षित ने वेद और अनुष्ठानों की दीक्षा अपने चाचा गणेश दीक्षित भट्ट से ली थी। पंडित लक्ष्मीकांत के पूर्वज मशहूर पंडित गागा भट्ट भी हैं, जिन्होंने 17वीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक कराया था। लक्ष्मीकांत दीक्षित की अध्यक्षता में 121 पंडितों की टीम 16 जनवरी से प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान करा रहे हैं। इस टीम में काशी के 40 से अधिक विद्वान शामिल हैं।


