RBI के निवर्तमान गवर्नर शक्तिकांत दास ने कार्यकाल की उपलब्धियों और चुनौतियों पर की चर्चा**

अखंड केसरी ब्यूरो :-भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निवर्तमान गवर्नर शक्तिकांत दास ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि जब उन्होंने 2018 में पदभार संभाला था, तो उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में मौजूद चुनौतियों का उल्लेख किया था। उन्होंने उस समय नकदी संकट (लिक्विडिटी इश्यू) के समाधान और लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण (फ्लेक्सिबल इंफ्लेशन टार्गेटिंग) की रूपरेखा को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया था। शक्तिकांत दास ने कहा, “मैंने तब यह भी कहा था कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखना आवश्यक है, लेकिन साथ ही विकास की दिशा का भी ध्यान रखना होगा। बीते छह वर्षों में मैंने इन सिद्धांतों का पालन करने की हरसंभव कोशिश की है।” उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता, आर्थिक विकास, और मुद्रास्फीति को संतुलित रखने की दिशा में सतत प्रयास किए। दास का यह बयान उनकी नेतृत्व क्षमता और भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के प्रति उनके योगदान को रेखांकित करता है।

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