अमृतसर ब्यूरो :- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष, एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा द्वारा सिख समुदाय की विशिष्टता को सनातन धर्म के साथ मिलाने के प्रयासों पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से अपील की है कि वे पंथक परंपराओं के अनुसार लालपुरा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
एडवोकेट धामी ने कहा कि हाल ही में दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान, लालपुरा ने सिख धर्म की विचारधारा और पवित्र गुरबाणी के सिद्धांतों के खिलाफ झूठी बातें कहीं, जिससे सिख समुदाय की मौलिकता और उसकी अनूठी पहचान को ठेस पहुंची है। लालपुरा ने श्री गुरु नानक देव जी को विष्णु का अवतार बताया, जो कि आरएसएस और भाजपा के शीर्ष नेताओं को खुश करने के लिए की गई उनकी एक शरारतपूर्ण हरकत है। धामी ने कहा कि लालपुरा की यह बयानबाजी गुरुओं की विचारधारा और सिख समुदाय का अपमान है, जिसके लिए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्र गुरबाणी केवल एक अकाल पुरख से जुड़ी हुई है और अवतारवाद का सिख धर्म में कोई स्थान नहीं है। लालपुरा द्वारा सिख गुरुओं को हिंदू देवी-देवताओं से जोड़ना केवल आरएसएस के एजेंडे को आगे बढ़ाने का एक हिस्सा है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि यह सिख समुदाय के लिए बहुत गंभीर चिंता का विषय है, जिसमें श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी कोई भी सिख विरोधी कार्रवाई न हो और सिखों की विशिष्ट पहचान को ठेस न पहुंचे।


