Crackdown on Travel Agents: पंजाब और हरियाणा में ट्रैवल एजेंट्स पर कड़ी कार्रवाई शुरू। अमेरिका से डिपोर्ट हुए लोगों की शिकायत पर पुलिस ने कई एजेंट्स पर केस दर्ज किए । कई एजेंट्स की संपत्तियां सील। जानें क्या लिया गया एक्शन
अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 104 भारतीयों की शिकायतों के बाद पंजाब और हरियाणा में ट्रैवल एजेंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। यह एजेंट्स लोगों को गैरकानूनी ‘डंकी’ रूट से अमेरिका भेजने का वादा कर लाखों रुपए वसूलते थे। डिपोर्ट हुए लोगों का कहना है कि उन्हें सुरक्षित और कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का झांसा दिया गया था, लेकिन बाद में खतरनाक जंगलों और दुर्गम रास्तों से होकर वहां पहुंचे। पुलिस ने कई एजेंट्स के खिलाफ केस दर्ज किए हैं और उनकी संपत्तियों को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
अमृतसर में ट्रैवल एजेंट के खिलाफ केस दर्ज
अमृतसर जिले में एक ट्रैवल एजेंट सतनाम सिंह मानन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सतनाम पर आरोप है कि उसने साल 2023 में दलेर सिंह नामक व्यक्ति को अमेरिका भेजने के लिए 60 लाख रुप्ए की डिमांड की थी। दलेर ने पहले 5 लाख रुपए जमा किए और पासपोर्ट एजेंट को सौंप दिया। इसके बाद उसे नाइजीरिया का वीजा दिलाया गया, लेकिन वह आगे का वीजा नहीं मिलने के कारण लौट आया। फिर उसे दुबई, ब्राजील और कई दूसरे देशों से होते हुए अमेरिका भेजा गया। दलेर ने बताया कि उसे घने जंगलों और खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ा, जहां उसे कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
लाखों रुपए लेकर भी अवैध ढंग से अमेरिका भेजा
दलेर सिंह के मुताबिक, उसके परिवार ने सतनाम सिंह को तीन किस्तों में कुल 60 लाख रुपए दिए। पहले 5 लाख रुपए बैंक खाते में जमा किए गए, फिर 15 लाख रुपए नकद दिए गए और अंत में 34 लाख रुपए उसके भाई और पत्नी ने सौंपे। एजेंट ने वादा किया था कि वह कानूनी तरीके से अमेरिका भेजेगा, लेकिन असल में उसे ‘डंकी’ रूट से भेजा गया। इस रूट में लोगों को पनामा के घने जंगलों और खतरनाक पहाड़ों से गुजरना पड़ता है। आखिरकार, अमेरिकी अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया और डिपोर्ट कर दिया। पुलिस ने सतनाम सिंह के कार्यालय को सील कर दिया है और उसकी तलाश जारी है।
हरियाणा में भी ट्रैवल एजेंट्स के खिलाफ केस
हरियाणा के करनाल जिले में भी चार ट्रैवल एजेंट्स के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोपों में केस दर्ज किए गए हैं। इन एजेंट्स ने लोगों को कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का दावा किया था, लेकिन उन्हें भी ‘डंकी’ रूट से भेजा गया। पुलिस ने बताया कि जिले के सात लोग, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं, अमेरिका से डिपोर्ट हुए हैं। उनके परिवार वालों ने एजेंट्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में असंध, मधुबन और राम नगर पुलिस स्टेशनों में केस दर्ज किए गए हैं। फिलहाल, पुलिस जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
सरकार ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
पंजाब सरकार के एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि सरकार ऐसे ट्रैवल एजेंट्स के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर सतनाम सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और अन्य एजेंट्स पर भी कार्रवाई हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर किसी एजेंट ने उनसे पैसे लेकर धोखाधड़ी की है तो वे एनआरआई मामलों के विभाग में शिकायत दर्ज कराएं। सरकार ऐसे मामलों पर तेजी से कार्रवाई करेगी और दोषियों को सजा दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि गैरकानूनी रूप से विदेश जाने की कोशिश में कई लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। ट्रैवल एजेंट्स अक्सर लोगों को आसान प्रक्रिया और सुरक्षित यात्रा का झांसा देते हैं, लेकिन हकीकत में यह बेहद खतरनाक होता है। ऐसे मामलों में कई बार लोगों की जान भी चली जाती है। सरकार और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वह किसी भी ट्रैवल एजेंट को पैसे देने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच करें। केवल कानूनी तरीके से विदेश यात्रा करने का ही विकल्प चुनें।


