विजीलैंस ने तहसीलदार के नाम पर रिश्वत लेते व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा**

अखंड केसरी ब्यूरो :-विजीलेंस विभाग ने जिले की सब तहसील नरोट जैमल सिंह के नायब तहसीलदार के नाम पर रजिस्ट्री करवाने के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए वसीका नफीस सुबाष चंद और उनके भाई रमेश चंद को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। डीएसपी विजीलेंस पठानकोट, निर्मल सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता सुखबीर पाल, जो कोलियाँ गाँव के निवासी हैं, ने विजीलेंस को शिकायत की थी कि उनका गाँव में 10 मरले का प्लॉट है, जिसकी रजिस्ट्री उनकी भाभी पूजा देवी के नाम पर करवानी थी। इसके लिए उन्होंने स्टैंप पेपर लेकर वसीका नफीस सुबाष चंद से संपर्क किया था।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जमीन के लिए एनओसी न होने के कारण सुबाष चंद ने रजिस्ट्री के लिए 4000 रुपये प्रति मरले की मांग की थी। दोनों के बीच 3000 रुपये प्रति मरले के हिसाब से सौदा तय हुआ। जब वह रजिस्ट्री करवाने के लिए आए, तो उन्होंने सुबाष चंद को 30 हजार रुपये दे दिए। इसी दौरान डीएसपी निर्मल सिंह की अगुवाई में विजीलेंस की टीम ने मौके पर छापा मारकर 30 हजार रुपये लेते हुए सुबाष चंद और उनके सहयोगी रमेश चंद को गिरफ्तार कर लिया।

इन दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पूछताछ के दौरान डीएसपी ने कहा कि यदि इस मामले में राजस्व विभाग का कोई अधिकारी शामिल पाया जाता है, तो उससे भी पूछताछ की जाएगी। विजीलेंस विभाग के इस कदम से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश गया है और उम्मीद है कि इससे प्रशासन में सुधार होगा।

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