BREAKING : अमृतसर में मंदिर पर हैंड-ग्रेनेड फेंकने वालों से पुलिस की मुठभेड़ एक को पुलिस ने ढेर कर, दूसरा फरार

पुलिस को मिली विशेष जानकारी के आधार पर सीआईए और छेहर्टा पुलिस की टीमों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया था, जिसके दौरान यह मुठभेड़ हुई। एसएचओ छेहर्टा को अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल के बारे में विश्वसनीय जानकारी मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने उसकी जांच शुरू की। पूछताछ में गुरसिदक और विशाल के नाम सामने आए। पुलिस को सूचना मिली कि ये दोनों आरोपी राजासांसी इलाके में घूम रहे हैं। इसके बाद पुलिस की टीमें गठित कर इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

पुलिस को देख किया फायर

सुबह के समय जब पुलिस ने आरोपियों की मोटरसाइकिल को रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने मोटरसाइकिल छोड़कर पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इस फायरिंग में कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह के बाएं हाथ पर गोली लगी, जबकि एक गोली इंस्पेक्टर अमोलक सिंह की पगड़ी पर और एक पुलिस वाहन पर भी लगी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें गुरसिदक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका साथी विशाल मौके से फरार हो गया।

अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

घायल गुरसिदक और कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह को इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान गुरसिदक की मौत हो गई। पुलिस अब इस मामले में पाकिस्तान और आईएसआई से आरोपियों के संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है। फिलहाल, फरार आरोपी विशाल की तलाश जारी है और पुलिस उसे पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है।

मोटरसाइकिल पर लगाया था झंडा

सीसीटीवी में ये पूरी घटना कैद हुई थी। शुरुआती जांच में पता चला था कि दोनों युवक मोटरसाइकिल पर आए थे, उनके मोटरसाइकिल पर झंडा था। ताकि ये आरोपी होले मोहल्ले का फायदा उठा पुलिस की गिरफ्त से बच सकें। घटना शुक्रवार-शनिवार देर रात करीब 12:35 बजे की थी। वे कुछ देर तक मंदिर के बाहर खड़े रहे और फिर मंदिर की तरफ कोई वस्तु फेंकी। जैसे ही वे वहां से भागे, मंदिर में जोरदार धमाका हुआ। उस समय मंदिर का पुजारी मुरारी लाल शर्मा भी अंदर सो रहे थे, लेकिन किस्मत से वह बाल-बाल बच गए। उन्होंने ही रात छेहर्टा थाने में पहुंच घटना की जानकारी दी।

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