वहीं मीटिंग के बाद शंभू और खनौरी बॉर्डर लौट रहे किसान नेताओं को पंजाब पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। 114 दिन से आमरण अनशन पर बैठे जगजीत डल्लेवाल को संगरूर में डिटेन किया गया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। वहीं सरवण पंधेर को मोहाली में एयरपोर्ट रोड से डिटेन किया गया।
इससे पहले सरवण पंधेर ने शक जताया था कि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर फोर्स बढ़ाई गई है। ऐसा लगता है कि सरकार धरने को उठाना चाहती है। मगर, MSP की कानूनी गारंटी मिलने तक वह मोर्चा खत्म नहीं करेंगे।
वहीं मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हमने किसानों को बताया कि हम धरना नहीं उठा रहे। किसानों की ओर से MSP को लेकर जो लिस्ट शेयर की गई है, उनसे कुछ इश्यू आ सकते है। वे किसानी से जुड़े सभी मंत्रालयों से इसके बारे में चर्चा करना चाहते है, तो समय लग सकता है। इस पर वार्ता 4 मई को दोबारा करने पर सहमति बनी।
केंद्रीय कृषि मंत्री बोले- बातचीत सकारात्मक और उद्देश्य पूर्ण रही
किसानों से वार्ता करने के बाद बाहर आए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि दोनों तरफ से हुई बातचीत सकारात्मक और उद्देश्य पूर्ण रही। चर्चा जारी रहेगी। अब अगली बैठक 4 मई को होगी। उधर, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पिछली बैठक में किसान जत्थेबंदियों की ओर से मांगो को लेकर लिस्ट शेयर की गई थी। जिस डेटा के आधार पर किसान एमएसपी सहित अन्य मांगे कर रहे थे। सभी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। अब केंद्र सरकार व्यापारी और अन्य ऐसे वर्ग, जोकि किसानी से जुड़े हुए हैं, उनसे केंद्र सरकार एक बार बातचीत करेगी।
बता दें कि किसानों की तरफ से संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के संयोजक सरवन सिंह पंधेर की अगुआई में 28 किसान नेता पहुंचे थे। वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रह्लाद जोशी और पीयूष गोयल के अलावा पंजाब सरकार की तरफ से कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा किसानों से बातचीत की। मगर, इसमें कोई नतीजा नहीं निकला।


