पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती: पूर्व विधायक जीरा की गिरफ्तारी को अवैध बता भाई ने दाखिल की याचिका

चंडीगढ़/अखंड केसरी ब्यूरो

कानून-व्यवस्था को देखते हुए जीरा के पूर्व विधायक कुलबीर जीरा को हिरासत में लेने के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के 19 अक्तूबर के फैसले को अवैध बताते हुए इसे पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर सोमवार तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। शनिवार शाम को जस्टिस विकास बहल के घर पर इस याचिका पर सुनवाई हुई थी। जीरा के भाई ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कुलबीर जीरा की गिरफ्तारी को अवैध बताया था। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को याचिका का निपटारा करते हुए कहा था कि गिरफ्तारी एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के आदेश पर की गई है और ऐसे में इसे अवैध नही कहा जा सकता। कोर्ट ने जीरा के भाई को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देने की छूट दे दी थी। शनिवार को इसी आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने याचिका पर सरकार को आदेश दिया है कि जिस रिपोर्ट के आधार पर एसएचओ ने कलंदरा पेश किया है, वो रिपोर्ट पेश की जाए। एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट द्वारा कानून व्यवस्था पर मांगी गई रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करने का जीरा पुलिस स्टेशन के एसएचओ को हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। साथ ही एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट मिलने पर जल्दी कोई फैसला लेने के आदेश भी दिया है।

यह था मामला: बीडीपीओ दफ्तर में धरना देने और काम में रुकावट डालने के आरोप में कुलबीर जीरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जीरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट डालकर लिखा था कि वह 17 अक्तूबर को गिरफ्तारी देंगे लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में उन्हें मजिस्ट्रेट से जमानत मिल गई थी। कोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद पुलिस ने केस में याची के खिलाफ एक और रिपोर्ट पेश कर दी, जिसके चलते जीरा को रिहा नहीं किया गया।

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