युवाओं को डंकी रूट के जरिये विदेश भेजने वालों की तलाश में एनआईए की रेड, गिरफ्तार एजेंट तीन दिन के रिमांड पर

एनआईए ने गगनदीप सिंह उर्फ गोल्डी को गिरफ्तार कर उसका तीन दिन का रिमांड लिया। अब एनआईए की पूछताछ में उसने खुलासा किया है कि वह अपने अन्य साथी के साथ इमिग्रेशन ऑफिस चलाता है और खुद एजेंट का भी काम करता है।

चंडीगढ़। हरियाणा, पंजाब सहित अन्य राज्यों के युवाओं को डंकी रूट के जरिये विदेश भेजकर करोड़ों रुपये कमाने वाले एजेंट और इमिग्रेशन कंपनी संचालकों के ठिकानों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने मंगलवार को रेड की है। टीम ने दिल्ली, चंडीगढ़ सहित लुधियाना, अमृतसर और जालंधर में रेड ऑफिस व अन्य जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।

उधर, एनआईए की जांच टीम ने दिल्ली के तिलक नगर निवासी गगनदीप सिंह उर्फ गोल्डी को गिरफ्तार किया है और उसे कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। इस मामले की जांच चंडीगढ़ एनआईए की टीम कर रही है, जिसे 13 मार्च को ही यह जांच सौंपी गई है।कुछ दिन पहले ही अमेरिका में डंकी रूट या फिर अन्य गलत रास्तों के जरिये एंट्री करने वाले काफी संख्या में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल के युवाओं को भारत डिपोर्ट किया गया था। इसमें सबसे अधिक युवा पंजाब और हरियाणा के थे। डिपोर्ट किए गए युवाओं को इमिग्रेशन कंपनी संचालकों ने अपने एजेंटों के साथ मिलीभगत करके डंकी रूट के जरिये भेजा गया था, जिसकी एवज में उनसे लाखों रुपये भी ठगे गए थे।

इस कड़ी में पंजाब के तरनतारन जिले के रहने वाले एक युवक को दिसंबर-2024 में डंकी रूट के जरिये अमेरिका भेजा गया था। अमेरिका भेजने की एवज में उससे एजेंट ने करीब 45 लाख रुपये लिए थे। इस युवक को बीती 15 अप्रैल को अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया था और वह अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा था। युवक की शिकायत पर उसे भेजने वाले एजेंट सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी, लेकिन हाल ही में बीती 13 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई थी और पंजाब व हरियाणा के डिपोर्ट हुए सभी युवाओं के साथ धोखाधड़ी मामलों की जांच अब चंडीगढ़ एनआईए की जांच टीम ही कर रही है।

एजेंट गोल्डी ने अलग-अलग रास्तों से युवक को अमेरिका भेजा

एनआईए ने गगनदीप सिंह उर्फ गोल्डी को गिरफ्तार कर उसका तीन दिन का रिमांड लिया। अब एनआईए की पूछताछ में उसने खुलासा किया है कि वह अपने अन्य साथी के साथ इमिग्रेशन ऑफिस चलाता है और खुद एजेंट का भी काम करता है। हालांकि उसके पास लोगों को विदेश भेजने के लिए कोई लाइसेंस नहीं है और न ही उसने कोई रजिस्ट्रेशन करवाया है।

उसने तरनतारन के युवक को 45 लाख लेकर स्पेन, साल्वाडोर, ग्वाटेमाला और मैक्सिको के रास्ते अमेरिका भेजा। जांच में पता चला कि गोल्डी के साथियों ने युवक के साथ बीच रास्ते में मारपीट की और उससे डॉलर भी छीन लिए। जांच टीम ने गोल्डी को साथ लेकर उसके साथी सहित अमेरिका भेजने वाली इमिग्रेशन कंपनियों के दफ्तरों व अन्य जगहों पर रेड कर तलाशी अभियान चलाया।

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